Published on June 22, 2026 | Views: 194
भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति द्वारा आयोजित भगवान परशुराम की विराट, भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा सोमवार को अपार श्रद्धा, उत्साह एवं सनातन गौरव के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। शोभायात्रा में धौलपुर जिले सहित राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु, विप्र बंधु, मातृशक्ति एवं युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए।
शोभायात्रा में सम्मिलित होने के लिए पधारे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक एवं सनातन धर्म के प्रखर प्रवक्ता परम पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज का राजस्थान की सीमा स्थित बरेठा बॉर्डर पर अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता दर्जनों वाहनों के विशाल काफिले के साथ बरेठा बॉर्डर पहुंचे, जहां पुष्पमालाओं, वैदिक मंत्रोच्चार एवं जयघोषों के मध्य उनका स्वागत किया गया। पूरे क्षेत्र में "जय श्री राम", "जय भगवान परशुराम" एवं सनातन धर्म के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
बरेठा बॉर्डर से देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज का काफिला मचकुंड रोड स्थित पूर्व जिला प्रमुख पंडित किशनचंद शर्मा के फार्म हाउस पहुंचा, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं, समाज के प्रबुद्धजनों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों ने उनका भावपूर्ण एवं भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं में अपने पूज्य संत के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। फार्म हाउस पर कुछ समय विश्राम एवं श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करने के पश्चात देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज मनी वाटिका पहुंचे, जहां उनके आगमन पर एक बार पुनः भव्य स्वागत किया गया।
भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता श्री मुकेश दाधीच जी के धौलपुर आगमन पर भी भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों एवं समाज बंधुओं द्वारा आत्मीय एवं गरिमामयी स्वागत किया गया। भगवान परशुराम शोभायात्रा में उनकी सहभागिता को लेकर कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। शोभायात्रा स्थल पर पहुंचने पर उनका माल्यार्पण एवं साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने जयकारों एवं पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मानंद की बगीची के पास स्थित मनी वाटिका, धौलपुर में भगवान परशुराम जी के पूजन-अर्चन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं संत-महात्माओं के पावन सान्निध्य में हुआ। इस अवसर पर परम पूज्य श्री श्री 1008 पागल बाबा जी महाराज, परम पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज, परम पूज्य हनुमान दास महाराज जी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, पूर्व जिला प्रमुख पंडित किशनचंद शर्मा, पूर्व विधायक बाड़ी गिर्राज सिंह मलिंगा, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी रानू पाराशर सहित अनेक विशिष्ट अतिथि मंचासीन रहे।
भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति द्वारा सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से पधारे विप्र बंधुओं का माल्यार्पण, साफा एवं पटका पहनाकर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
अपने उद्बोधन में परम पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा कि भगवान परशुराम केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन संस्कृति के गौरव एवं धर्मरक्षा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारता है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। उन्होंने संगठन, संस्कार, सामाजिक समरसता एवं सांस्कृतिक जागरण पर विशेष बल देते हुए युवाओं से सनातन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया तथा कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता और सांस्कृतिक चेतना में निहित होती है।
परम पूज्य श्री श्री 1008 पागल बाबा जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भगवान परशुराम का जीवन त्याग, तपस्या, शौर्य एवं धर्म स्थापना का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने समाज को प्रेम, सद्भाव एवं भाईचारे के साथ संगठित होकर धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए कार्य करने का संदेश दिया।
परम पूज्य हनुमान दास महाराज जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भगवान परशुराम जी का जीवन धर्म, तप, त्याग एवं राष्ट्र समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि समाज में एकता, सद्भाव एवं संस्कारों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का आह्वान किया।
भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष, सत्य की स्थापना तथा राष्ट्रधर्म के पालन का प्रेरणादायी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से भगवान परशुराम के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का प्रभावी, गरिमामयी एवं ओजस्वी संचालन भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के संरक्षक पंडित विशंभर दयाल शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में पिरोने, नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने तथा सनातन मूल्यों के संरक्षण का एक सशक्त माध्यम है।
भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा (ब्लड बैंक वाले) एवं शोभायात्रा संयोजक हरी निवास प्रधान ने संयुक्त रूप से बताया कि इस वर्ष की शोभायात्रा को ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए समिति के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने कई दिनों तक अथक परिश्रम किया। समाज के प्रत्येक वर्ग, मातृशक्ति, युवाओं एवं विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सहयोग से यह आयोजन अभूतपूर्व सफलता प्राप्त कर सका।
शोभायात्रा में तीन भव्य बैंड, छह आकर्षक एवं मनमोहक धार्मिक-सांस्कृतिक झांकियां तथा भगवान परशुराम जी का अलौकिक एवं भव्य डोला श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहे। बैंड की मधुर धुनों, वैदिक मंत्रोच्चार एवं भगवान परशुराम के जयघोषों से संपूर्ण नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।
शोभायात्रा मनी वाटिका से प्रारंभ होकर पुराना शहर, हरदेव नगर, सराय, लाल बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, सब्जी मंडी, तोप तिराहा एवं संतर रोड मार्ग से होती हुई अपने निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार देर रात्रि संतर रोड स्थित अंबाजी मंदिर पहुंची। वहां भगवान परशुराम जी के डोले की विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए।
महात्मानंद की बगीची से लेकर संतर रोड तक मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों सहित सभी समाजों के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। अनेक स्थानों पर पुष्पवर्षा की गई तथा पेयजल, शीतल पेय, फलाहार एवं भोजन प्रसादी का वितरण किया गया। विभिन्न समाजों द्वारा किए गए स्वागत ने सामाजिक समरसता, भाईचारे एवं सांस्कृतिक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संरक्षक श्रीनिवास शर्मा, रामगोपाल शर्मा, राजेश शर्मा महदपुरा, संजय दीक्षित, प्रमोद शर्मा, राजेंद्र शर्मा, सतीश दीक्षित, बनवारी शर्मा, शिवराज खलीफा, नंदकिशोर शुक्ला, नरेंद्र शर्मा (नायला वाले), नरेंद्र पाराशर, प्रमोद भारद्वाज, रामदत्त शर्मा, राहुल शर्मा, सुनील जगरिया, विनोद तिवारी, प्रशांत तिवारी (औंडेला), संजीव मिश्रा, प्रशांत शर्मा, बंटी शर्मा, अभिषेक हुंडावाल, मनीष शर्मा, योगेश शर्मा, हरेन्द्र हनी गुधैनिया, अभिषेक तिवारी, बांसुरी शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, संदीप शर्मा, जीतू शर्मा, राहुल राणा, श्री भगवान त्यागी, संतोष त्यागी, पंकज त्यागी सहित अनेक कार्यकर्ताओं, समाज बंधुओं एवं सनातन धर्म प्रेमियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम के समापन पर भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा (ब्लड बैंक वाले) एवं शोभायात्रा संयोजक हरी निवास प्रधान ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, समाज बंधुओं, मातृशक्ति, युवाओं, स्वयंसेवकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल भगवान परशुराम जन्मोत्सव का उत्सव नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, विप्र एकता एवं राष्ट्र गौरव का महापर्व बन गया है।
अंत में भगवान परशुराम जी की महाआरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों को विशाल भोजन प्रसादी वितरित की गई, जिसके साथ कार्यक्रम का विधिवत एवं भव्य समापन हुआ।
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