Published on July 1, 2026 | Views: 529
डा हरिप्रकाश लवानिया धौलपुर
चंबल के वीहडो से लेकर मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय रहे डकैत जगन गुर्जर को परिजनों की मांग पूरी होने पर उसके पैतृक गांव बभूतिपुरा पुलिस बंदोबस्त के बीच लाया गया जहां उसके अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग दिखाई दिए तथा उसके बेटे आसाराम ने उसे मुखाग्नि दीअपराध जगत का खात्मा हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर में उसी की बैरक में हो गया जिस बैरक में वह बंद था उसी के साथ उसी बैरक में सजा काट रहे कुलदीप जघीना के आरोपी विष्णु ने गमछे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी विष्णु डीग जिले के अजान गांव का निवासी है जो शुरुआत में छोटी-मोटी चोरी करता था जगन की हत्याकीघटना उससमय की है जब खाना खाने के बाद कैदियों को दोपहर में अपनी बैरकों में बंद कर दिया गया इस घटना ने पुलिस प्रशासन एवं जेल प्रशासन की कार्य प्रणाली पर कई सवालिया निशान लगा दिए हैं
धौलपुर के भभूतिपुरा गांव का रहने वाला जगन गुर्जर पहले दूध का कारोबार करता था किंतु चोरी के आरोप में एक बार जेल गया जहां उसकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई इसी जान पहचान के बाद वह अपराध की दुनिया में दाखिल होता चला गया एक बार अपराध के दलदल में उतरने के बाद फिर वह वापस नहीं आ सका हालांकि आत्म समर्पण करने के बाद उसने अपराध की दुनिया को अलविदा कहने का वादा किया था अपराधिक दलदल में उतरने के बाद अपहरण लूट हत्या रंगदारी अवैध हथियार के कुल 128 अपराध उसके नाम दर्ज हैं जगन गुर्जर अब तक 78 मामलों में बरी हो चुका है 16 मामले ट्रायल में है 8 मेंदोष सिद्ध हो चुके हैं एक मामले में जमानत करेज हो चुकी है 6 मामले जांच में हैं तथा अन्य मामलों की संख्या 10 है इसके अलावा पुलिस सूत्रों की मानै तो 30 मामले और लंबित थे अपने जीजा की हत्या का बदला जगन गुर्जर ने बटेश्वर गांव में दो लोगों को मौत के घाट उतार कर लिया जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई बीहडोमें रहने के दौरान जगन गुर्जर एवं कोमेश की प्रेम कहानी की चर्चा भी खूब रही कोमेश अपने पिता की हत्या का बदला लेने बीहड में कूदी थी इसके बाद वह जगन गुर्जर की पत्नी बनी सन 2008 में पुलिस मुठभेड़ में कोमेश के पैर में गोली लगी तथा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जगन की दूसरी पत्नी ममता ने विधायक का उपचुनाव भी लड़ा था जिसमें वह हार गई सन 2008 में जिस समय भरतपुर के पास पीलूपुरा में गुर्जरों का आंदोलन चल रहा था उसमय तत्कालीन मुख्यमंत्री महारानी वसुंधरा राजे के धौलपुर स्थित पैलेस को उड़ाने की धमकी जगन गुर्जर द्वारा दी गई थी हालात जगन गुर्जर ने इस प्रकार की किसी भी धमकी देने की बात से इनकार किया थाबाड़ी के पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को धमकी देने का ऑडियो भी वायरल हुआ था स्टाइलिश चश्मा एवं जूतो के शौकीन ने कई बार स्वयं को अपराधी बनाने के लिए स्थानीय पुलिस को जिम्मेदार मानता था 2019 में बाड़ी क्षेत्र में दिनदहाड़े फायरिंग मारपीट एवं महिलाओं के साथ बदसलू की के आरोपी के बाद जगन फिर चर्चा में आया पुलिस दबाव के चलते उसने बड़ी थाने में आत्मसमर्पण कर दिया जगन पहली बार हाई सिक्योरिटी जय अजमेर में नहीं था इससे पूर्व है इसी जेल में रह चुका है जगन ने पहली बार 2001 में पुलिस अधीक्षक बी ऊ यर जोसेफ के समक्ष आत्मसमर्पण किया था दूसरी बार 2009 में करौली के देवनारायण मेले में सन 2018 में तत्कालीन आईजी मालिनी अग्रवाल केए समक्ष तथा 2022 में करौली पुलिस के समक्ष आश्रम समर्पण किया जगन का छोटा भाई पप्पू तथा लाल सिंह एवं पान सिंह विभिन्न जिलों में सजा काट रहे हैं जागरण की हत्या का समाचार मिलते ही परिजनों के साथ-साथ अन्य लोग भी अजमेर पहुंचे तथा अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए जगन के बेटे आसाराम ने अपने पिता की मृत्यु को साजिश बताते हुए निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की उसने आरोप लगाया की हाई सिक्योरिटी जेल में बिना पुलिस के मिली भगत के हत्या संभव नहीं है उसने परिजनों की सुरक्षा के इंतजाम करने तथा जगन के छोटे भाई को अजमेर जेल से धौलपुर स्थानांतरित करने की मांग की आज हुए अंतिम संस्कार में भारी तामझाम एवं सुरक्षा व्यवस्था के बीच अजमेर एवं अन्य जेलों से उसके भाइयों को दाह संस्कार में शामिल होने के लिए लाया गया जगन के परिजनो द्वारा रखी गई मांगो पर समझौता होने के बादही परिजन शवको लेने पर राजी हुए तथा अन्य मांगों के अलावा बाडी पुलिस द्वारा जगन् पर फर्जी तरीके से आर्म्स एक्ट लगाने वाले पुलिसकर्मियों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी
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