अखिलेश यादव ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

Published on July 26, 2026 | Views: 187

अखिलेश यादव ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

लखनऊ: समाजवादी पार्टी की ओर से आज कारगिल विजय दिवस और संविधान मानस्तंभ स्थापना दिवस राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जिलों में मनाया गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों समेत बड़ी संख्या में आए पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित किया। उन्होंने इस अवसर पर कारगिल युद्ध में अपने दोनों पैर गंवाने वाले सेना की इंजीनियरिंग रेजीमेंट के लांस नायक राम भुवाल को शाल ओढ़ाकर तथा स्मृतिचिह्न देकर सम्मानित किया और उन्होंने कारगिल युद्ध के वीर सपूतों को विनम्र श्रद्धांजलि दी।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज हम जहां कारगिल दिवस पर सेना के शौर्य को याद कर रहे है साथ ही संविधान मानस्तंभ दिवस मना रहे है। सामाजिक न्याय की भावना को आरक्षण के रूप में इसी दिन अमल में लाया गया था। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई भारतीय इतिहास का गौरवशाली दिन है।
अखिलेश यादव ने समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के पूर्व सैनिकों को बधाई देते हुए कहा कि अपनी जान की परवाह किए बिना फौज हमारी सीमाओं की रक्षा करती है। सीमाओं पर सदैव खतरा रहता है। कई बार सीमा पर सैन्य गतिविधियों की चर्चा नहीं होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि सन् 2014 से पहले और आज हमारे देश का क्षेत्रफल क्या है? हम चाहते हैं कि हमारा क्षेत्रफल वही बना रहे जो आजादी के समय था। डॉ. राममनोहर लोहिया और नेताजी श्री मुलायम सिंह यादव हमेशा सीमाओं का सवाल उठाते थे। हम कारगिल का युद्ध अपनी फौज के शौर्य की वजह से जीते है। फौज ने हमारी सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि हमें अपनी फौज पर गर्व है।
अखिलेश यादव ने कहा कि चार साल से रूस-यूक्रेन में युद्ध चल रहा है। ईरान- अमेरिका की लड़ाई में हमारी अर्थव्यवस्था चौपट हो गई। अगर खुद को विश्व गुरू बताने वाले ईरान में पहले उतर जाते तो न युद्ध होता और न ही खाद संकट पैदा होता।
अखिलेश यादव ने दिल्ली में नौजवानों की जीत पर उन्हें बधाई दी और कहा कि भाजपा जब मुद्दों पर हार जाती है तो वह चरित्र हनन पर उतर आती है। नई पीढ़ी के आंदोलन को भाजपा सरकार नहीं समझ पाईं। इस युवा आंदोलन में समाजवादी पार्टी का बहुत योगदान रहा है। यह पहला आंदोलन था जहां नई पीढ़ी के लोग अनुभव करने गए कि लाठी कैसे लगती है। आंसू गैस का क्या असर होता है। किसी ने किसी को बुलाया नहीं था। सब स्वतः जंतर-मंतर तक पहुंचे। भाजपा सरकार के खिलाफ नौजवानों ने लोकसभा का घेराव किया। न झुकने की बात करने वाले झुक गए। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के सŸाा से बाहर जाने की शुरूआत है। युवाओं की चेतना जाग गयी है। नई पीढ़ी ने भय-भ्रम निकाल दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि हम अपनी रणनीति के तहत युवा आंदोलन में शामिल थे। इसमें सबसे ज्यादा भागीदारी उत्तर प्रदेश के युवाओं की रही है। जेन जी आंदोलन में जो नारे लिखे गये, लोग सोच भी नहीं पाते थे।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ था। यूपी डायल 100, 108 एम्बुलेंस सीधे खाते में भुगतान, लैपटॉप वितरण का प्रयोग हमने किया। समाजवादी सरकार बनने पर स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का प्रयोग करेंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक पर सबसे पहले सवाल समाजवादियों ने उठाया था। सरकार ने तमाम सवाल उलझा दिए है। भाजपा राज में ज्यादा पेपर लीक हुए है। भाजपाई जानबूझकर ऐसा कराते है। अपने लोगों को ऐडजस्ट करा लेते है।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं और नेताओं को सचेत करते हुए कहा कि वोट का अधिकार ही हमें बचा सकता है। समाजवादियों को सन् 2027 का विधानसभा चुनाव हर हाल में जीतना है। भाजपा जो परिसीमन बिल लाना चाहती उसके बाद फिर कोई आम चुनाव नहीं होने वाला है।
कार्यक्रम में माता प्रसाद पाण्डेय नेता विरोधी दल, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष शरद सरन तथा प्रदेश महासचिव जयशंकर पाण्डेय, नवाब इकबाल महमूद पूर्व शिक्षा मंत्री सहित प्रो0 बी. पाण्डेय राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी शिक्षक सभा, कर्नल जीतेन्द्र सिंह, श्री कृष्ण कन्हैया पाल राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी अधिवक्ता सभा, डॉ. मधु गुप्ता पूर्व एमएलसी, पूर्व सांसद अरविन्द कुमार सिंह, आनन्द यादव विधायक, व्यास जी गोंड राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ, अनवर हाशमी पूर्व एमएलसी, श्याम किशोर यादव पूर्व विधायक, बैजनाथ पासवान पूर्व विधायक, सीमा राजभर राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला सभा, रामवृक्ष सिंह यादव पूर्व एमएलसी, नागेन्द्र मुन्ना पूर्व विधायक, शशांक यादव पूर्व एमएलसी, आरएस कुशवाहा पूर्व विधायक, धर्मेन्द्र सोलंकी प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, रामकरन निर्मल प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी लोहिया वाहिनी, कुलदीप यादव राष्ट्रीय महासचिव समाजवादी शिक्षक सभा, फूल चन्द्र वर्मा हरदोई, श्रीमती रूबी खान, श्रीमती रंजना भारती, जयकुमार बउवन तिवारी, अभिजीत, सूरज वर्मा, आरिफ सिद्दीकी भदोही, अमरनाथ सिंह मौर्य आदि शामिल रहे।

Category: Politics


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