परमा एकादशी पर श्रीधाम वृंदावन में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोसीय परिक्रमा

Published on June 11, 2026 | Views: 187

परमा एकादशी पर श्रीधाम वृंदावन में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई पंचकोसीय परिक्रमा

​वृंदावन। पुनीत शुक्ला

पुरुषोत्तम मास (मलमास) के पावन अवसर पर परमा एकादशी के मौके पर श्रीधाम वृंदावन में श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। तीन साल में एक बार आने वाले इस विशेष महीने की एकादशी का पुण्य लाभ कमाने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु ठाकुर बांके बिहारी की नगरी पहुंचे। भोर की पहली किरण के साथ ही समूचा परिक्रमा मार्ग 'राधे-राधे' और 'हरे कृष्ण' के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

​परमा एकादशी के विशेष महत्व को देखते हुए बुधवार रात से ही श्रद्धालुओं का वृंदावन आगमन शुरू हो गया था। गुरुवार सुबह यमुना नदी के विभिन्न घाटों, विशेषकर केशी घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और इसके बाद पंचकोसीय परिक्रमा की शुरुआत की। लगभग 15 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं का ऐसा रेला उमड़ा कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। बच्चे, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी भक्ति के रंग में सराबोर होकर नंगे पैर ठाकुर जी की आराधना करते हुए आगे बढ़ते रहे। कई श्रद्धालुओं ने इस मौके पर अत्यंत कठिन मानी जाने वाली 'दंडवती परिक्रमा' भी लगाई।
​पूरी परिक्रमा में जगह-जगह श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाने और भक्ति के माहौल को और गहरा करने के लिए विशेष प्रबंध देखने को मिले। मार्ग में रंग-बिरंगे स्वागत द्वार बनाए गए थे और लाउडस्पीकरों के माध्यम से ठाकुर जी के मधुर भजन गूंज रहे थे। इसी आस्था के सफर को सुगम बनाने के लिए पूरी परिक्रमा में जगह-जगह विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, स्थानीय निवासियों और सेवाभावी लोगों द्वारा समाज सेवा के बेहतरीन उदाहरण पेश किए गए। पूरी परिक्रमा में जगह-जगह समाज सेवा के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी, मीठे शरबत, फलाहार और जूस की बोतलों आदि तमाम खाद्य एवं पेय पदार्थों का वितरण बड़े पैमाने पर किया जा रहा था।

चिलचिलाती धूप और गर्मी से राहत दिलाने के लिए सेवादारों ने निस्वार्थ भाव से भक्तों को तरबूज, केले, शिकंजी और ग्लूकोज का पानी भी वितरित किया, ताकि कोई भी श्रद्धालु भूखा-प्यासा न रहे।
​परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख मंदिरों, जैसे ठाकुर मदन मोहन मंदिर, तटिया स्थान, अटल्ला चुंगी और चैतन्य महाप्रभु की साधना स्थली पर भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और समाजसेवियों के जज्बे में कोई कमी नहीं दिखी। देर शाम तक परिक्रमा लगाने वाले भक्तों का सिलसिला लगातार चलता रहा, जिससे पूरी धर्मनगरी भक्तिमय माहौल में डूबी नजर आई।

Category: Dharm


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