Published on May 21, 2026 | Views: 177
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन मार्स ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ में किया गया, जिसमें वर्ष 2026-27 में खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन उत्पादन को 256.22 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 302.55 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने की। इस अवसर पर प्रदेश स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं बड़ी संख्या में कृषकों ने सहभागिता की। बलदेव सिंह औलख ने कहा कि योगी सरकार के कुशल नेतृत्व में प्रदेश आज कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश को खाद्यान्न के लिए बाहरी राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश न केवल आत्मनिर्भर है बल्कि अन्य राज्यों को भी खाद्यान्न उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने मक्का, दलहन एवं तिलहन के उत्पादन में वृद्धि पर विशेष बल देते हुए किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र एवं वैज्ञानिक विधियों को पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक उपयोग पर जोर दिया, जिससे फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को सुरक्षा मिल सके।
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री दीपक कुमार ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खरीफ फसलों के लिए समय से बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि निवेश उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि 110.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों का आच्छादन सुनिश्चित करते हुए 302.55 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त किया जाएगा। इसके लिए विभागीय समन्वय, तकनीकी मार्गदर्शन एवं संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
कार्यक्रम में ग्रो सेफ फूड पहल के अंतर्गत कृषि रक्षा रसायनों के उपयोग में कमी लाने हेतु एक चार्ट का विमोचन भी किया गया, जिससे सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
तकनीकी सत्र में कृषि विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मूंगफली, तिल, अरहर एवं मक्का की उन्नत प्रजातियों, रोग नियंत्रण, आधुनिक कृषि यंत्रों, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने एवं दलहनी-तिलहनी फसलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उपाय भी बताए गए।
कार्यक्रम में गौ आधारित कृषि, संतुलित उर्वरक उपयोग, ढैचा की खेती, धान की सीधी बुवाई तथा तिलहन एवं दलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा जानकारी साझा की गई। मक्का की बढ़ती उपयोगिता के माध्यम से किसानों को अन्नदाता से ऊर्जादाता बनने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।
अध्यक्ष, उपकार कैप्टन विकास गुप्ता, अध्यक्ष गौ सेवा आयोग श्याम बिहारी गुप्ता, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र, सचिव कृषि इन्द्र विक्रम सिंह, मण्डलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पन्त, आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता योगेश कुमार, संयुक्त विकास आयुक्त शिवा कान्त द्विवेदी, लखनऊ मंडल के सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक तथा प्रदेश भर से आए हुए सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
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