Published on May 11, 2026 | Views: 250
फिरोजाबाद /शिकोहाबाद की पराग डेयरी में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब आगरा से आया 2600 लीटर सिंथेटिक दूध मिलावटी निकला. डेयरी के कर्मचारियों ने सिंथेटिक दूध के टैंकर को खड़ा करवा दिया। जब दूध की जांच की गई तो मिलावट का खेल उजागर हो गया।
आपको बतादें कि रविवार को 2600 लीटर दूध आगरा से बल्लमगढ़ मदर डेरी में गया. लेकिन दूध में मिलावट होने के कारण दुग्ध संघ के जीएम केपी सिंह ने इसे दोपहर तीन बजे के करीब ठंण्डा होने की कहकर शिकोहाबाद पराग डेरी में भेज दिया. क्योकि यहां स्टॉक में पहले से शुद्ध रखे 3 हजार लीटर में मिलाया जाना था, लेकिन संदेह होने पर डेयरी के कर्मचारियों ने टैंकर के दूध को मिलाने से पहले ही रोक लिया। कर्मचारियों ने टैंकर में बड़ी मात्रा में सिंथेटिक दूध होने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
जब डेरी की लैब में दूध की जांच की गई तो मिलावट का सारा खेल उजागर हो गया। पूर्व सचिव और दुग्ध संघ के प्रतिनिधि कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह दूध आगरा से बल्लभगढ़ गया हुआ था। जहां से मदर डेयरी पर यह दूध रिजेक्ट हो गया। इसके बाद इस दूध को शिकोहाबाद लाया गया। लेकिन यहां पहले से ही मदर डेयरी से रिजेक्ट होकर आ रहे दूध की सूचना मिल गई थी। इसलिए शिकोहाबाद तहसील के लालगढ़ी गांव के रहने वाले संतोष कुमार ने गाड़ी को पराग डेयरी में मिलावट होने से पहले रूकवाकर जांच करवा दी। जिससे पूरा भेद खुल गया।
दूध का टैंकर लेकर पराग डेयरी आए टैंकर चालक हरिवीर ने चालानी रसीद दिखाते हुए बताया कियह दूध बल्लभगढ़ की मदर डेयरी के लिए आगरा से भेजा गया था। वहां जांच में रिजेक्ट होने के बाद शिकोहाबाद लाया गया। जिसे यहां भी शुद्ध दूध में मिलाकर बेचने से पहले ही रोक दिया गया। जिसे खुद टैंकर चालक ने भी पीने से साफ इनकार कर दिया।
Category: Uttar pradesh