Published on May 10, 2026 | Views: 188
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सरकार पर स्मार्ट मीटर घोटाले, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, महिला अपराधों में लगातार बढ़ोतरी, किसानों की आत्महत्या और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के आंदोलन और जनता के दबाव के कारण सरकार को प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना पर पीछे हटना पड़ा, लेकिन पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के जरिए अभी भी जनता को लूटने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि देश से प्यार करने वाले हर नागरिक को शिक्षा, लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई में आगे आना होगा क्योंकि भाजपा सरकार जनता के अधिकारों पर लगातार हमला कर रही है।
आप सांसद संजय सिंह ने रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ जनता और आम आदमी पार्टी के व्यापक आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा और प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना को वापस लेना पड़ा, लेकिन पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के जरिए जनता की लूट अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के गांवों और शहरों में लोग खुद स्मार्ट मीटर उखाड़कर फेंक रहे थे, महिलाओं तक ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। आम आदमी पार्टी ने पूरे प्रदेश में आंदोलन चलाया, कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, लेकिन जनता और पार्टी के संघर्ष के आगे सरकार को फैसला वापस लेना पड़ा। संजय सिंह ने कहा कि किसी का 600 रुपये का बिजली बिल 3000 रुपये आ रहा है, किसी का 2000 रुपये का बिल 10000 रुपये तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि “मिल्खा सिंह से तेज भागने वाले” स्मार्ट मीटरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के खिलाफ भी लड़ाई जारी रहेगी।
संजय सिंह ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं, जिला इकाइयों, प्रांतीय पदाधिकारियों और प्रकोष्ठों को बधाई देते हुए कहा कि उनके संघर्ष और प्रदेश की जनता के दबाव के कारण सरकार को पीछे हटना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है और जनता की लूट बंद होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रेस वार्ता में संजय सिंह ने शिक्षा व्यवस्था की भयावह स्थिति उजागर करते हुए कहा कि नीति आयोग और भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 9508 विद्यालय ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल चल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से सवाल पूछा कि क्या एक शिक्षक के भरोसे मिड डे मील, पढ़ाई और पूरे विद्यालय का संचालन संभव है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में 90 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जिसका अर्थ है कि गांवों की शिक्षा व्यवस्था को जानबूझकर बर्बाद किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक लाख स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक है और उनमें लगभग 10 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 30000 स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली तक नहीं है। भीषण गर्मी में बच्चे बिना बिजली के कैसे पढ़ेंगे, इसकी किसी को चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि 98592 स्कूल ऐसे हैं जहां लड़कियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। भाजपा “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का नारा देती है लेकिन बेटियों के सम्मान और शिक्षा की बुनियादी व्यवस्था तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है।
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लाखों शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं जबकि बिहार में सरकारी स्कूलों में दो लाख पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने की सुनियोजित साजिश चल रही है। उन्होंने आजमगढ़ समेत कई जिलों का उदाहरण देते हुए कहा कि 524 कंपोजिट विद्यालयों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्मार्ट क्लास शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन आज वे ताले में बंद पड़े हैं और कंप्यूटर धूल खा रहे हैं। भाजपा सरकार को शिक्षा की चिंता नहीं, उसे केवल धर्म, दंगा और नफरत की राजनीति से वोट चाहिए।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 में उत्तर प्रदेश में महिला अपराध के 66398 मामले दर्ज हुए, जो पूरे देश में सबसे अधिक हैं। दूसरे नंबर पर भाजपा शासित महाराष्ट्र है जहां 66998 मामले दर्ज हुए। इसके बाद राजस्थान में 22369, पश्चिम बंगाल में 21608 और मध्य प्रदेश में 10927 मामले दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि महिला अपराध में शीर्ष पांच राज्यों में चार भाजपा शासित राज्य हैं, जो भाजपा की महिला सुरक्षा की पोल खोलता है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2020 में महिला अपराध के 49385 मामले थे, जो 2021 में बढ़कर 56083, 2022 में 65743, 2023 में 66381 और 2024 में 66398 हो गए। हर वर्ष महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और भाजपा सरकार बलात्कारियों और अपराधियों को संरक्षण देने का काम कर रही है।
किसानों की स्थिति पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि वर्ष 2024 के आंकड़े बताते हैं कि देश में 10546 किसानों ने आत्महत्या की, जिनमें महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने आई थी लेकिन किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं और खेतिहर मजदूर भी बड़ी संख्या में संकट में हैं।
पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं पर ईडी की कार्रवाई को लेकर संजय सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हर चुनावी राज्य में ईडी, सीबीआई, चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर लोकतंत्र को कुचल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में बैठे ज्ञानेश कुमार के माध्यम से पूरे देश में चुनावी घोटाले किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले अशोक मित्तल पर छापेमारी कर उन्हें भ्रष्टाचारी बताया गया, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें “वाशिंग मशीन” में धुला हुआ घोषित कर दिया गया। अब पंजाब में संजीव अरोड़ा को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक छापेमारी के बावजूद कुछ नहीं मिला तो झूठा मामला बनाकर गिरफ्तारी कर ली गई।
संजय सिंह ने कहा कि ईडी भाजपा का “सुपारी किलर” बन चुकी है। जहां चुनाव होता है वहां यह एजेंसी सक्रिय हो जाती है और राजनीतिक विरोधियों की “राजनीतिक हत्या” करने का काम करती है। उन्होंने कहा कि संजीव अरोड़ा की कंपनी पर मोबाइल निर्यात में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया जबकि हर मोबाइल का आईएमईआई नंबर होता है और आसानी से पता लगाया जा सकता है कि मोबाइल निर्यात हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल दबाव बनाकर विरोधियों को अपनी पार्टी में शामिल कराना चाहती है।
संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा-आरएसएस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे सचमुच भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और “सच्चे हिंदू” हैं तो अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर जाकर गीता पर हाथ रखकर शपथ लें कि जिस व्यक्ति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाएंगे उसे कभी भाजपा में शामिल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और बाद में उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया, हिमंत विश्व शर्मा पर आरोप लगाए और बाद में उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ नहीं बल्कि विरोधियों को डराकर अपनी पार्टी में शामिल कराने की है।
उन्होंने कहा कि राजकुमार आनंद और कैलाश गहलोत पर पहले छापेमारी और पूछताछ की गई, उन्हें भ्रष्टाचारी बताया गया और बाद में भाजपा में शामिल कर लिया गया। यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव और तानाशाही का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की तरह अब पंजाब में भी यही खेल शुरू हो गया है और चुनाव तक रोज छापेमारी और राजनीतिक उत्पीड़न चलता रहेगा।
संजय सिंह ने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी की “रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा 16 मई से 20 मई तक मेरठ से गाजियाबाद तक निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे पहले पार्टी ने सदियों से संगम, अयोध्या से प्रयागराज, रामपुर से अमरोहा, मिर्जापुर से सारनाथ और आगरा से मथुरा तक पदयात्राएं निकाली हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जाति और धर्म के नाम पर भेदभाव बढ़ रहा है और बेरोजगार युवाओं पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।
उन्होंने प्रदेश की जनता, किसानों, नौजवानों, महिलाओं और व्यापारियों से इस पदयात्रा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि रोजगार का संकट केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे-छोटे रोजगार भी छीने जा रहे हैं। पदयात्रा से जुड़ने के लिए 7500040004 नंबर जारी किया गया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर लोग अभियान से जुड़ सकते हैं।
जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पानी की टंकियां “भ्रष्टाचार की टंकियां” बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कासगंज में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 14 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी शुरू होने के मात्र पांच दिन बाद गिर गई और तीन लोग घायल हो गए। सीतापुर में 5 करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से बनी टंकी मलबे में तब्दील हो गई। मथुरा में तीन साल पहले बनी टंकी गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए।
उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में 3 करोड़ रुपये की लागत से बनी टंकी ढह गई, बरेली में 3 करोड़ रुपये की टंकी मात्र आठ महीने में गिर गई जिसमें पांच मासूम घायल हो गए। एटा के सुनहरी नगर में फरवरी 2026 में बनी पानी की टंकी का पाइप फटने से एक लाख लीटर पानी बर्बाद हो गया। महोबा में 65 लाख रुपये की लागत से बनी टंकी पानी भरते ही दरक गई जबकि जालौन में नमामि गंगे योजना के तहत 32 लाख रुपये की लागत से बनी टंकी एक सामान्य आंधी में ताश के पत्तों की तरह गिर गई।
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता की प्राथमिकताएं समाप्त हो चुकी हैं। जनता शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और बिजली जैसे बुनियादी मुद्दों पर आवाज नहीं उठा रही, इसलिए सरकार “पागल हाथी” की तरह जनता को रौंदती जा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जनता को जागरूक करने और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने का काम लगातार करती रहेगी।
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