राजा अम्बरीष, राम जन्म और श्रीकृष्ण जन्म कथा के प्रसंगों से भावविभोर हुए श्रद्धालु, गोपीगीत और राधा तत्व की रसधारा में डूबा वृंदावन

Published on September 22, 2026 | Views: 181

राजा अम्बरीष, राम जन्म और श्रीकृष्ण जन्म कथा के प्रसंगों से भावविभोर हुए श्रद्धालु, गोपीगीत और राधा तत्व की रसधारा में डूबा वृंदावन

वृंदावन। स्वर्ण जयंती महोत्सव के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत जयंती एवं श्रीराधाष्टमी झूलन महोत्सव में मंगलवार को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकालीन एवं सायंकालीन सत्रों में आयोजित कथा, प्रवचन, गोपीगीत और बधाईगान ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

प्रातःकालीन सत्र में व्यासपीठ से श्री धराचार्य महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराते हुए राजा अम्बरीष की अनुपम भक्ति, भगवान श्रीराम के दिव्य जन्म तथा भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य प्रसंग का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राजा अम्बरीष का भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण आज भी भक्तों के लिए आदर्श है। कथा के माध्यम से उन्होंने धर्म, भक्ति और सदाचार के महत्व को रेखांकित करते हुए भगवान के अवतारों की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया।

इसी सत्र में उत्तराखंड के ऋषिकेश से पधारे जगद्गुरु कृष्ण आचार्य जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को ईश्वर से जोड़ने वाला दिव्य मार्ग है। इस अवसर पर मथुरा-वृंदावन के विधायक श्रीकांत शर्मा ने भी अपने विचार रखे और स्वर्ण जयंती महोत्सव को सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का महत्वपूर्ण आयोजन बताया।

इसी क्रम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की मंगल बधाइयों का गायन किया गया। बधाई गीतों की मधुर स्वर लहरियों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा। श्रद्धालु जयकारों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की आनंदमयी अनुभूति करते रहे।

सायंकालीन सत्र में परमपूज्य बागीश जी महाराज ने गोपीगीत एवं राधा तत्व का अत्यंत रसपूर्ण और मार्मिक विवेचन किया। उन्होंने श्रीराधा की महिमा, गोपियों की निष्काम भक्ति तथा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति उनके प्रेम का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भक्तों को भक्ति के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया। उनके प्रवचन के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस का आनंद लेते रहे।

महोत्सव में प्रस्तुत गोपीगीत, बधाईगान, भजन-कीर्तन एवं कथा प्रवचनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। आयोजकों के अनुसार प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में पहुंचकर संत-महात्माओं के सान्निध्य में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर रहे हैं। आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी भक्तों में विशेष उत्साह और उमंग का वातावरण बना हुआ है।

Category: Dharm


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