फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़कर हुई 10 सितंबर, कृषि मंत्री ने केसीसी धारकों को संतृप्त करने के दिए निर्देश

Published on September 7, 2026 | Views: 212

फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़कर हुई 10 सितंबर, कृषि मंत्री ने केसीसी धारकों को संतृप्त करने के दिए निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों के हित में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से कराया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश में तोरिया के 30 हजार मिनीकिट का कृषकों को निःशुल्क वितरण कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष 07 सितम्बर 2026 तक किसानों द्वारा 15 हजार मिनीकिट की बुकिंग कराई जा चुकी है। इस संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेश के किसानों से अपील की है कि वे तोरिया के निःशुल्क मिनीकिट प्राप्त करने हेतु विभाग के पोर्टल (https://agriculture.up.gov.in) पर शीघ्र बुकिंग कर योजना का लाभ उठाएं। तोरिया के अतिरिक्त रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के 10.45 लाख कुंतल, चना के 69.96 हजार कुंतल, मटर के 17.89 हजार कुंतल, मसूर के 41.76 हजार कुंतल तथा राई/सरसों के 15.94 हजार कुंतल की बुकिंग प्रक्रियाधीन है, जिसके लिए कृषकों से अधिकाधिक संख्या में बुकिंग कराने का आह्वान किया गया है।
कृषि मंत्री की अध्यक्षता में कृषि भवन समीक्षा कक्ष में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार के विशेष अनुरोध पर भारत सरकार द्वारा खरीफ 2026 मौसम में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त से बढ़ाकर 10 सितंबर, 2026 कर दी गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के समस्त असंतृप्त 27.10 लाख केसीसी खातों के पात्र कृषकों को बैंकों द्वारा शत-प्रतिशत संतृप्त कराया जाए तथा जिन कृषकों ने अब तक अपनी फसलों का बीमा नहीं कराया है, वे अंतिम तिथि से पूर्व अनिवार्य रूप से बीमा करा लें। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक 69.28 लाख कृषकों को कुल 6,124.79 करोड़ रुपये की फसल क्षतिपूर्ति प्रदान की जा चुकी है।
बैठक में खरीफ 2026 मौसम में अतिवृष्टि एवं बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को समयबद्ध क्षतिपूर्ति सुनिश्चित कराने हेतु अवशेष पात्र आवेदनों का सर्वेक्षण जिला प्रशासन और कृषि विभाग की जाँच समितियों द्वारा कृषकों की मौजूदगी में त्वरित गति से पूरा कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने हेतु भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447, किसान कॉल सेंटर नंबर 0522-2317003, व्हाट्सएप चैटबॉट, क्रॉप इंश्योरेंस ऐप तथा संबंधित बैंक शाखाओं जैसे माध्यमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया। बैठक में कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रवीन्द्र, कृषि निदेशक टीएम त्रिपाठी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

Category: Uttar pradesh


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