बांके बिहारी के दर्शन के बाद बुजुर्ग महिला की मौत, बिना पोस्टमार्टम शव दिल्ली ले गए परिजन

Published on August 19, 2026 | Views: 239

बांके बिहारी के दर्शन के बाद बुजुर्ग महिला की मौत, बिना पोस्टमार्टम शव दिल्ली ले गए परिजन

मथुरा-वृंदावन। बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए दिल्ली से वृंदावन आई 60 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दर्शन के बाद मंदिर के गेट नंबर चार के समीप अचानक अचेत होकर जमीन पर गिरने के बाद महिला को मंदिर की मेडिकल टीम ने तत्काल उपचार दिया और एंबुलेंस से वृंदावन के जिला संयुक्त चिकित्सालय भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। खास बात यह रही कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और साथ आए लोग शव को लेकर दिल्ली रवाना हो गए।

मृतका की पहचान 118, मधुवन कॉलोनी, दिल्ली निवासी 60 वर्षीय शालिनी सिक्का के रूप में हुई है। बताया गया कि बुधवार को वह अपने ड्राइवर और केयरटेकर के साथ बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करने आई थीं। दर्शन के बाद गेट नंबर चार के पास अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह अचेत होकर गिर पड़ीं।

घटना के बाद मंदिर परिसर में तैनात मेडिकल टीम ने महिला की जांच की और एंबुलेंस से उन्हें वृंदावन के 100 शैय्या अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

जिला संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. विनीत यादव ने बताया कि गेट नंबर चार से एक महिला को अस्पताल लाया गया था, जिसकी पहचान दिल्ली निवासी शालिनी सिक्का के रूप में हुई। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकती थी, लेकिन साथ आए लोगों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया और शव को अपने साथ दिल्ली ले गए।

बताया गया कि शालिनी सिक्का दिल्ली स्थित अपने घर में अकेली रहती थीं। उनके साथ आए केयरटेकर ने अस्पताल में मौत की सूचना उनके भाई को फोन पर दी। इसके बाद शव को बिना पोस्टमार्टम कराए दिल्ली ले जाया गया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

बांके बिहारी मंदिर में लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच एक बार फिर व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि आखिर श्रद्धालुओं के साथ हो रहे हादसे कब थमेंगे? मंदिर में रोजाना देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

हाईपावर कमेटी और गोस्वामियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत

बांके बिहारी मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर हाईपावर कमेटी, मंदिर प्रबंधन और गोस्वामी समाज के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जाती रही है। भीड़ बढ़ने के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, प्रवेश-निकास, आपातकालीन मार्ग और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था को लेकर स्पष्ट और प्रभावी कार्ययोजना जरूरी है।

यातायात व्यवस्था पर भी सवाल

वृंदावन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रमुख मार्गों और मंदिर क्षेत्र में यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी बड़ी हद तक होमगार्डों के भरोसे दिखाई देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने बड़े धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के लिए क्या पर्याप्त पुलिस बल और प्रशिक्षित ट्रैफिक व्यवस्था उपलब्ध है?

डीएम और मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी पर उठे सवाल

बांके बिहारी मंदिर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि जिला प्रशासन और मंदिर से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठा रहे हैं?

हालांकि महिला की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम के अभाव में स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में मौत को किसी विशेष कारण से जोड़ने के बजाय प्रशासन को मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।

Category: Uttar pradesh


Latest News