Published on June 25, 2026 | Views: 140
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि जनता अब भाजपाइयों का भाषण सुनने के मूड में नहीं है। अहंकार विवेक हर लेता है। जो दूर से ये धारणा बनाये बैठे थे कि ‘कोई’ ईमानदार है। भ्रष्ट नहीं है। जन-सेवा में निस्वार्थ भाव से लगा है। भौतिक-लालच से परे है, अब तथाकथित माननीय का ‘म्यूट कर दिया गया वो वीडियो’ देखकर, उनका भी सारा भ्रम टूटकर चकनाचूर हो गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जो व्यक्ति सैकड़ों कैमरों के सामने किसी माँ की गोद उजड़ जाने के सबसे बड़े दुख के क्षण में भी एक दुखी परिवार को सांत्वना देने की जगह धमकी भरे लहजे में, अपने कठोर हाव-भाव के साथ बोल रहा हो, वो कितना हृदयहीन, संवेदना शून्य, निष्ठुर और निर्मम होगा, अब ये बात सबके सामने खुल गई है। इसे ही क्रूर-व्यवहार कहते हैं, ये बेहद अमानवीय है। अब इनके झूठे नायकत्व का सारा मायाजाल तार-तार हो गया है। सबसे ज्यादा ठेस इनके सबसे बड़े उन प्रशंसकों और समर्थकों को लगी है जो इनकी ‘मिथ्या दिव्यता’ के गुणगान करते नहीं थकते थे। वो अब अपने घर की महिलाओं को ही मुँह दिखाने लायक नहीं बचे, अन्य महिलाओं का सामना करने की तो बात ही बहुत दूर है। वो जब ये सोचकर देख रहे हैं कि कहीं ऐसी दुखद घटना उनके परिवार के साथ घटती और उनके घर की किसी ‘माँ’ के साथ ऐसा दुर्व्यवहार होता तो क्या होता, ये विचार करके ही वो काँप जा रहे हैं और सोच रहे हैं कि वो किस पाताली कूप में कूदकर अपनी शर्मिंदगी छिपाएं।
अखिलेश यादव ने कहा कि याद रखा जाए इनकी कटु-वचन वाणी का ये पहला उदाहरण नहीं है। पत्रकार से लेकर अधिकारी तक पहले भी सरेआम इनका शिकार हो चुके हैं। जिसके लोक व्यवहार में खोट होता है, वो अकेले में कैसा व्यवहार करता होगा, जनता ये समझ गई है। अब क्या तथाकथित माननीय ये कहेंगे कि पूरी दुनिया में फैल चुका उनका वीडियो एआई जेनरेटेड है। सच तो ये है कि अगर जनता चाहे तो एआई से होंठों को पढ़कर ये बता सकती है कि ‘वास्तव में उन्होंने किन अपशब्दों का इस्तेमाल किया था’। जिसका अपने वचन-व्यवहार पर नियंत्रण नहीं वो प्रदेश पर क्या नियंत्रण करेगा और दिल्ली पर राज के सपने क्या देखेगा। इनके इस कुकृत्य की वजह से अब प्रदेश, देश, दुनिया की कोई महिला चाहे वो माँ हो या बहन, वो अब भाजपा का पूर्ण बहिष्कार करेगी। इस घटना ने संपूर्ण विश्व में भाजपा की दिखावटी, सजावटी, बनावटी छवि को मिट्टी में मिला दिया है। अब भाजपा इनको पद से हटा भी देगी तो भी ‘आधी आबादी’ के वोट नहीं पायेगी क्योंकि ‘बात जब माँ की आती है तो हर सरहद मिट जाती है। जनता ने भाजपाइयों का ‘नारी वंदन’ का सच कैमरे के सामने देख लिया है। भाजपा और उनके संकीर्ण सोच के संगी-साथी सभी लोगों की सामंती सोच में जब नारी के लिए ही कोई स्थान नहीं है तो नारी के मान-सम्मान के लिए क्या होगा।
Category: Politics