Published on June 4, 2026 | Views: 262
राया। नगर पंचायत राया में कराए गए विकास कार्यों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में शिकायतकर्ता एवं वार्ड संख्या-10 के सभासद अमित अग्रवाल की शिकायत पर उपजिलाधिकारी मांट द्वारा संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद अब तक प्राथमिकी दर्ज न होने से मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, अमित अग्रवाल ने नगर पंचायत राया में कराए गए कुछ विकास कार्यों में अनियमितताओं एवं वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाते हुए सक्षम अधिकारियों से शिकायत की थी। मामले की जांच एवं अभिलेखों के परीक्षण के बाद उपजिलाधिकारी मांट ने संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी किए।
आरोप है कि आदेश जारी होने के बावजूद नगर पंचायत राया के अधिशासी अधिकारी द्वारा अब तक आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता अमित अग्रवाल का कहना है कि सक्षम अधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए जाने के बाद भी उनका अनुपालन न होना गंभीर विषय है और इससे मामले में अनावश्यक विलंब हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आई हैं और उसके आधार पर एफआईआर दर्ज कराने का आदेश पारित किया गया है, तो उसका तत्काल पालन होना चाहिए। साथ ही उन्होंने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने तथा विलंब के कारणों की जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि सरकारी धन से कराए गए विकास कार्यों में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई जनहित में आवश्यक है। आदेश के बावजूद कार्रवाई लंबित रहने से प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
अब इस मामले में लोगों की निगाहें जिलाधिकारी मथुरा और नगर निकाय विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि उपजिलाधिकारी मांट के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है तो इसके कारणों की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता अमित अग्रवाल ने मांग की है कि उपजिलाधिकारी मांट के आदेश का तत्काल अनुपालन कर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
Category: Uttar pradesh