Published on April 10, 2026 | Views: 296
फरह। शुक्रवार मथुरा जनपद के फरह कस्बा में शुक्रवार को भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना। दीनदयाल कामधेनु गौशाला परिसर में श्रीमद् भागवत एवं श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर सुबह निकाली गई भव्य कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया। जनसैलाब ऐसा उमड़ा कि गौशाला से लेकर कस्बे की गलियां तक श्रद्धालुओं से पट गईं।
सुबह करीब 9 बजे सैकड़ों महिलाओं ने पीले-लाल परिधानों में सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा की शुरुआत की। ढोल-नगाड़े, शंख-ध्वनि और 'जय श्रीराम' के जयकारों के बीच भजन-कीर्तन करती महिलाएं जब गौशाला से निकलीं तो दृश्य अलौकिक हो गया। फरह के साथ-साथ ओल, परखम, जैंत, महावन और आसपास के दर्जनों गांवों से श्रद्धालु यात्रा में शामिल होने पहुंचे। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंची, जहां आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना कराई। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर श्रीराम कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया।
हेलीकॉप्टर से पहुंचे महामंडलेश्वर, हुई पुष्पवर्षा
कार्यक्रम का सबसे आकर्षण केंद्र रहा परम पूज्य महामंडलेश्वर कैलाश गिरी महाराज का आगमन। दोपहर करीब 3 बजे जैसे ही महाराज श्री का हेलीकॉप्टर फरह के ऊपर मंडराया, पूरा पंडाल हर-हर महादेव और जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। हेलीपैड पर उतरते ही सैकड़ों कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर उनका भव्य स्वागत किया। महाराज श्री ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और सीधे व्यासपीठ की ओर प्रस्थान किया।
रोज शाम 7:30 बजे तक होगी अमृतवर्षा
ठीक दोपहर 3:00 बजे वैदिक रीति-रिवाजों के साथ श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। व्यासपीठ से महामंडलेश्वर कैलाश गिरी महाराज ने कहा कि भगवान राम का चरित्र मर्यादा, त्याग और धर्म का पाठ पढ़ाता है। कथा सुनना मात्र श्रवण नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का संकल्प है। पहले दिन ही पंडाल में तिल रखने की जगह नहीं बची। श्रद्धालु दोपहर से ही दरी-कंबल लेकर स्थान घेरने पहुंच गए थे। आयोजकों के अनुसार कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7:30 बजे तक चलेगी।
व्यापक इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर नजर
आयोजन समिति ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल वाटरप्रूफ पंडाल, जर्मन हैंगर, 5000 लोगों के बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, मोबाइल टॉयलेट, पार्किंग और एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से फरह पुलिस के साथ-साथ निजी गार्ड और वॉलिंटियर तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी से पूरे परिसर पर नजर रखी जा रही है। गर्मी को देखते हुए जगह-जगह कूलर-पंखे और शरबत वितरण की व्यवस्था भी की गई है।
क्षेत्र में दौड़ी धर्म की बयार
कथा शुभारंभ को लेकर फरह सहित पूरे क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से उत्साह था। घर-घर पीले चावल बांटकर निमंत्रण दिया गया था। दुकानें सज गईं, घरों पर भगवा पताकाएं लहरा रही हैं। बुजुर्गों का कहना है कि फरह में इतना भव्य धार्मिक आयोजन वर्षों बाद हो रहा है। आयोजकों ने सभी धर्म प्रेमियों, माताओं-बहनों और युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पधारकर भगवान श्रीराम की कथा का रसपान करें और पुण्य लाभ अर्जित करें।
यह आयोजन न सिर्फ फरह बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर रहा है। श्रद्धा, अनुशासन और भव्यता की मिसाल पेश कर रही इस श्रीराम कथा की गूंज आने वाले कई दिनों तक पूरे इलाके को भक्तिमय बनाए रखेगी।
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