Published on March 13, 2026 | Views: 212
कृषि भवन के सभागार में कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं के प्राविधान, स्वीकृति एवं व्यय के ताजा आंकड़े प्रस्तुत किए गए। समीक्षा में पाया गया कि विभाग ने 12 मार्च 2026 तक कुल ₹4,32,284.44 लाख का व्यय कर विकास कार्यों को गति दी है, जो कुल स्वीकृत धनराशि का लगभग 81.10 प्रतिशत है।
बैठक में आंकड़ों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि राज्य सरकार की अपनी योजनाओं (राज्य योजनाओं) में प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा है। इन योजनाओं के लिए स्वीकृत ₹3,57,809.30 लाख के सापेक्ष ₹3,18,095.40 लाख का व्यय किया जा चुका है, जो 88.90 प्रतिशत की उपलब्धि दर्शाता है। विशेष रूप से प्रमाणित बीजों पर अनुदान, वैज्ञानिक खेती और निजी नलकूपों को विद्युत आपूर्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में 100 प्रतिशत धनराशि का उपयोग सुनिश्चित किया गया है।
कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता किसानों की आय में वृद्धि और उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि 'उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम' और 'आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना' जैसी दूरगामी योजनाओं का लाभ धरातल पर पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवशेष धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक पूर्ण कर लिया जाए ताकि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए प्रदेश को और अधिक बजट आवंटित हो सके।
समीक्षा के दौरान केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) पर भी चर्चा की गई। कृषोन्नती अम्ब्रेला और आर० के० वी० वाई० अम्ब्रेला के अंतर्गत क्रमशः 75.30 प्रतिशत और 56.02 प्रतिशत की प्रगति दर्ज की गई है। नेशनल क्रॉप इंश्योरेन्स प्रोग्राम में 98.63 प्रतिशत व्यय के साथ किसानों को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है।
बैठक में विशेष सचिव कृषि श्री सर्वेश कुमार सिंह, कृषि निदेशक डॉ पंकज त्रिपाठी जी, श्री जगदीश भट्ट सचिव उपकार, एडी प्रसार डॉ कनीज फातिमा, संयुक्त निदेशक ब्यूरो श्री अखिलेश कुमार सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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