Published on February 24, 2026 | Views: 139
डायमंड जुबली (DJ) छात्रावास, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज की ऐतिहासिक धरा उस समय गर्व और भावनाओं से जगमगा उठी, जब श्रीमती किंजल सिंह (IAS), उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त, अपने दिवंगत पिताजी के उसी हॉस्टल पहुँचीं, जहाँ से उनके जीवन में देशसेवा का संकल्प जन्मा था। अपने पिता के कमरे को देखकर उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे आज यहाँ एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक गर्वित बेटी के रूप में आई हैं।
घर में सिविल सेवा की नींव उनके पिताजी ने रखी थी—उसी प्रेरणा से आज किंजल सिंह IAS के रूप में उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था का नेतृत्व कर रही हैं, जबकि उनकी छोटी बहन प्रांजल सिंह (IRS) आयकर आयुक्त के रूप में राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था में योगदान दे रही हैं। यह केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि विरासत की चमक है।
उन्होंने प्रोफेसरों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया, पिताजी की स्मृति में एक पौधा रोपित किया और “विकसित भारत–2047” के संकल्प को दोहराया।
आज जब जनरेशन गैप की बात होती है, ऐसे समय में अपने पिता की स्मृतियों को जीवंत करना यह संदेश देता है कि ग्लैमर और ग्राउंडेड वैल्यूज़ साथ-साथ चल सकते हैं। जिम्मेदारी के साथ रिश्तों को निभाना ही असली सफलता है।
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