अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच सोलर संयंत्र स्थापना में देश में दूसरा स्थान, घरेलू रूफटॉप सोलर में निरंतर वृद्धि

Published on February 21, 2026 | Views: 120

अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच सोलर संयंत्र स्थापना में देश में दूसरा स्थान, घरेलू रूफटॉप सोलर में निरंतर वृद्धि

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अगस्त 2025 से जनवरी 2026 की अवधि में राज्य सोलर संयंत्र स्थापना के मामले में देशभर में दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान घरेलू रूफटॉप सोलर संयंत्रों की मासिक स्थापना में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। प्रदेश के 10 प्रमुख जनपद लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, बरेली, प्रयागराज, आगरा, झांसी, रायबरेली, शाहजहांपुर और सहारनपुर में सबसे अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं। यह राज्य में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जनजागरूकता और स्वीकार्यता को दर्शाता है।

महाराष्ट्र से प्रतिस्पर्धा, गुजरात को पीछे छोड़ा
इस अवधि में उत्तर प्रदेश का सीधा मुकाबला महाराष्ट्र और गुजरात से रहा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से अग्रणी रहे गुजरात को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश ने शीर्ष दो राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की है। यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह का कहना है कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की सौर नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, जिलावार निगरानी और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण का परिणाम है। देश में कुल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में तीसरे स्थान पर है, जबकि पीएमएसजीवाई के तहत आवेदनों की संख्या में प्रदेश दूसरे स्थान पर है।
इंस्टॉलेशन में हर माह वृद्धि
अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच हर माह घरेलू सोलर कनेक्शनों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना, सब्सिडी का सीधे उपभोक्ताओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण और डिस्कॉम स्तर पर त्वरित स्वीकृति प्रणाली ने योजना को गति दी है। बढ़ते बिजली बिल और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने भी लोगों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित किया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजना का सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उद्देश्य देश के एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर प्रत्येक परिवार को स्वच्छ एवं मुफ्त ऊर्जा का लाभ दिलाना है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस योजना की सफलता से उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं में आत्मनिर्भरता भी बढ़ रही है। सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से पारंपरिक विद्युत उत्पादन पर दबाव कम होगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे हरित ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलेगी।

पहले स्थान की ओर अग्रसर उत्तर प्रदेश
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रही तो आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश देश में पहला स्थान भी हासिल कर सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर इंस्टॉलेशन में विगत सात माह से लगातार शीर्ष दो स्थान में बने रहना राज्य के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। घरेलू सोलर अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा रही है।

Category: Uttar pradesh


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