राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान देख मंत्रमुग्ध हुए आरआईएस के विद्यार्थी

Published on February 21, 2026 | Views: 144

राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान देख मंत्रमुग्ध हुए आरआईएस के विद्यार्थी

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा सात से कक्षा नौ के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान का शैक्षिक भ्रमण कर वहां की अनूठी वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व और जैव विविधता की विस्तार से जानकारी जुटाई। इस शैक्षिक यात्रा का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को देश की समृद्ध जैव विविधता, मनमोहक वनस्पतियों तथा इस प्रसिद्ध उद्यान के ऐतिहासिक महत्व का गहन अनुभव प्रदान करना था।

अपने शैक्षिक भ्रमण में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान की मनमोहक सुन्दरता देखकर राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी न केवल मंत्रमुग्ध हुए बल्कि इसे जीवन का अविस्मरणीय अवसर बताया। अपने शिक्षकों के साथ अमृत उद्यान पहुंचे छात्र-छात्राओं का स्वागत वहां के हरे-भरे वातावरण और मौसमी फूलों की मनमोहक छटा ने किया। गुलाब, ट्यूलिप, डैफ़ोडिल और गेंदे जैसे विभिन्न फूलों से सजे इस सुन्दर परिदृश्य ने उनका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। औषधीय और सुगंधित जड़ी-बूटियों सहित विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों ने छात्र-छात्राओं की जहां जिज्ञासा को बढ़ाया वहीं शिक्षकों ने उन्हें इनके महत्व से भी रूबरू कराया।

अपने शैक्षिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं ने बगीचे के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया, जिनमें गोलाकार, लम्बे और बोन्साई उद्यान शामिल थे। बच्चे संगीतमय फव्वारे देखकर विशेष रूप से उत्साहित थे, जिसने बगीचे की प्राकृतिक सुन्दरता को और भी बढ़ा दिया था। इस यात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं को विभिन्न पौधों का अवलोकन और दस्तावेजीकरण करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया, जिससे प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी जिज्ञासा बढ़ी। उन्हें पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखने के महत्व और जैव विविधता को बनाए रखने में उद्यानों की भूमिका पर भी ज्ञानवर्धक जानकारी दी गई।

शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को बताया कि अपनी अनूठी वास्तुकला, ऐतिहासिक महत्व और जैव विविधता के कारण यह अमृत उद्यान बहुत प्रसिद्ध है। वर्ष 1917 में एडविन लुटियंस द्वारा इसे डिजाइन किया गया था। आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान 2023 में इसका नाम बदलकर मुगल गार्डन से अमृत उद्यान किया गया। मनमोहक फूलों की सजावट, शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व ने छात्र-छात्राओं पर अमिट छाप छोड़ी। यह यात्रा सीखने और मनोरंजन का एक उत्कृष्ट मिश्रण थी, जिसने इसे वास्तव में एक यादगार अनुभव बना दिया।

स्कूल के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि शैक्षिक भ्रमण पठन-पाठन का अहम हिस्सा है। जो बातें छात्र-छात्राएं पाठ्य-पुस्तकों से नहीं जान या सीख पाते वे बातें शैक्षिक भ्रमण में उन्हें सहजता से समझ में आ जाती हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार के अनुभवात्मक शिक्षण अवसर छात्र-छात्राओं को प्रकृति से जुड़ने और उसकी रक्षा करने के लिए भी प्रेरित करते रहते हैं। स्कूल की प्रिंसिपल प्रिया मदान ने शैक्षिक भ्रमण से लौटे छात्र-छात्राओं से उनके अनुभव जाने तथा अन्य विद्यार्थियों को अगले वर्ष अमृत उद्यान ले जाने का आश्वासन दिया।

Category: Delhi


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