Published on January 21, 2026 | Views: 466
(आगरा): युग ऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की जन्मस्थली, आवल खेड़ा, इन दिनों एक अलौकिक आभा से सराबोर है। आगामी 23 जनवरी को मनाए जाने वाले बसंत पर्व को लेकर यहाँ तैयारियाँ अपने अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष का उत्सव विशेष है, क्योंकि यह न केवल अखंड दीप शताब्दी महापर्व व माता भगवती देवी शर्मा जी जन्म जयंती महापर्व महोत्सव है, 'अखंड ज्योति' के 100 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक अवसर भी है।दीपों और रोशनी से जगमगाया पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य पावन जन्मभूमि शक्तिपीठ आवल खेड़ा उत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे आवल खेड़ा गायत्री शक्तिपीठ परिसर और जन्मभूमि को रंग-बिरंगी दूधिया लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। रात्रि के समय पूरा गाँव आध्यात्मिक नगरी जैसा प्रतीत हो रहा है। स्थानीय प्रशासन और गायत्री परिवार के स्वयंसेवक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। माता भगवती देवी शर्मा जी के आध्यात्मिक जन्म जयंती का महत्व गायत्री परिवार के अनुयायियों के लिए बसंत पंचमी का दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जब उन्होंने अपने गुरु के निर्देश पर अखंड दीपक प्रज्वलित कर अपनी तपस्या का श्रीगणेश किया था। विशेष आकर्षण: अखंड ज्योति के 100 वर्ष इस वर्ष 'अखंड ज्योति' के शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) पूरे होने के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है, जिसे देखते हुए बड़े स्तर पर भंडारे और आवास की व्यवस्था की गई है। तीन दिवसीय हवन और यज्ञ: बसंत पर्व की सुबह विशाल गायत्री महायज्ञ का आयोजन होगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: मिशन के गौरवशाली इतिहास और अखंड ज्योति की यात्रा पर आधारित प्रदर्शनियाँ।
माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्म शताब्दी समारोह: के 100 वर्षों के संकल्पों पर विशेष व्याख्यान। सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस और स्वयंसेवकों की टोलियां तैनात की गई हैं। आवल खेड़ा शक्तिपीठ व्यवस्थापक जीतेंद्र द्विवेदी का कहना है कि आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगमता से दर्शन और प्रसाद मिल सके, इसके लिए विशेष रूट चार्ट तैयार किया गया है।
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