संत सुदामा दास महाराज ने पीड़ित मानवता की सेवा को ही अपने जीवन का आधार माना - अमरदास महाराज

Published on January 20, 2026 | Views: 452

संत सुदामा दास महाराज ने पीड़ित मानवता की सेवा को ही अपने जीवन का आधार माना - अमरदास महाराज

वृंदावन। परिक्रमा मार्ग स्थित सुदामा कुटी आश्रम के शताब्दी महोत्सव एवं जगद्गुरु स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के जयंती महोत्सव अंतर्गत कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य 11वें दिन आयोजित संत विद्वत सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संत महात्माओं ने संत सुदामा दास महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। वहीं नाभा पीठाधीश्वर महंत सुतीक्ष्ण दास महाराज का रजत तुलादान किया गया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि गुरु मां के द्वारा जब कृष्ण और सुदामा को लकड़ी भेजने के लिए भेजा था तब भगवान श्री कृष्णा लकड़ी इकट्ठी कर रहे थे इसी दौरान सुदामा जी गुरु माता द्वारा दिए गए चना के प्रसाद को स्वयं पा गए थे। उसी का प्रायश्चित करने के लिए सुदामा संत सुदामा दास जी के रूप में आए और यहां ईश्वर भक्ति के साथ सेवा कार्य में जुट गए। इसमें किसी को संदेह ही नहीं होना चाहिए।
जगतगुरु दयाराम देवाचार्य महाराज ने कहा कि साकेतवासी संत सुदामा दास महाराज ने गौ सेवा संत सेवा और विप्र सेवा का संदेश देकर भक्तों को सेवा का मार्ग प्रशस्त किया। महंत सांवरिया महाराज एवं महंत रामस्वरूप दास
ने कहा कि संत सुदामा दास महाराज ने पीड़ित मानवता की सेवा को ही अपने जीवन का आधार माना। महंत बलराम दास महाराज चित्रकूट, संत रितेश्वर महाराज एवं महंत सुदर्शन दास ने कहा कि प्राणी मात्र के सेवा का जज्बा ही भक्त को भगवान का आशीर्वाद प्रदान करता है।
नाभा पीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्ण दास महाराज ने कहा कि सुकून भरा जीवन समरसता में है बड़ों के आधार में है सेवा और भगवान के नाम में है। हमें हमेशा सफलता पाने के लिए समरसता के भाव में ही जीना चाहिए। कहा कि भगवान के प्रति माता-पिता के प्रति और देश के प्रति हमेशा वफादार रहें।
संत संगोष्ठी में महंत सौम्या दास, महंत प्रेमदास, महंत गोपाल दास, महंत बृज बिहारी दास भक्तमाली, महंत बजरंगदास, संतोष दास आदि ने विचार व्यक्त किए।
वहीं भक्तों द्वारा आचार्य विष्णु कांत शास्त्री एवं आचार्य मृदुल कांत शास्त्री के आचार्यत्व में चल रहे 108 श्री राम महायज्ञ में राम नाम जप के साथ आहुति दी।
इस अवसर पर महंत नरोत्तम दास, महंत राघव दास, विष्णुकांत शास्त्री, महामंडलेश्वर रामस्वरूप दास, महंत कल्याण दास, स्वामी राम लखन दास, राधा मोहन दास और मोहनलाल शर्मा, भरत लाल शर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन स्वामी जयराम दास देवाचार्य एवं महंत सुदर्शन दास ने किया। महंत अमर दास महाराज ने आभार जताया।

Category: Dharm


Latest News