जेलेंस्की पर भड़के अमेरिकी अफसर, ट्रम्प की नाराजगी पर देनी पड़ी सफाई

Published on October 22, 2026 | Views: 373

जेलेंस्की पर भड़के अमेरिकी अफसर, ट्रम्प की नाराजगी पर देनी पड़ी सफाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दूसरों की आलोचना करें तो ठीक, लेकिन कोई उन्हें जवाब दे दे तो वे नाराज हो जाते हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को एक बार फिर इसका सामना करना पड़ा।

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में मंगलवार को बंद कमरे में बैठक हुई थी। इस दौरान ट्रम्प के प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ (मिडिल ईस्ट में विशेष दूत) और जेरेड कुशनर (ट्रम्प के दामाद) ने जेलेंस्की को फटकार लगाई। दोनों ने जब जेलेंस्की से कहा कि ट्रम्प के खिलाफ उनके बयानों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को नाराज कर दिया है, तो वे सफाई देने लगे और कहा कि उन्होंने कभी ऐसा कुछ नहीं कहा।

ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच इस महीने रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले, रूस पर कुछ प्रतिबंधों में ढील और यूक्रेन को अमेरिकी मदद सीमित करने जैसे मुद्दों पर कई बार बयानबाजी हुई है।

ट्रम्प के आक्रामक रवैये के कारण कई देशों के नेता उनसे भिड़ने से बचते हैं। उन्हें डर रहता है कि जवाब देने पर ट्रम्प नाराज हो सकते हैं या उनके देश पर नए टैरिफ लगा सकते हैं।

ट्रम्प दूसरे देशों के नेताओं से सम्मान और नरमी की उम्मीद करते हैं, लेकिन खुद ऐसा नहीं करते। अपवाद वे नेता हैं, जो उनकी बात मानते हैं या जिनके साथ ट्रम्प अच्छे रिश्ते बनाना चाहते हैं। इनमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन जैसे नेता शामिल हैं।

ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में कई नेताओं को यह तय करना पड़ रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना का जवाब दिया जाए या चुप रहा जाए। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ट्रम्प के दबाव के आगे झुकने के बजाय जवाबी कदम उठाया। उन्होंने अमेरिका के टैरिफ के बराबर कनाडाई टैरिफ लगाए।

जेलेंस्की की स्थिति अलग है। कनाडा की तरह यूक्रेन के पास अमेरिका से दूरी बनाने की उतनी गुंजाइश नहीं है। रूस के हमलों का सामना करने के लिए उसे अमेरिकी हथियारों, खुफिया जानकारी और दूसरी मदद की जरूरत है। यही वजह है कि जेलेंस्की को अपनी बात रखने और अमेरिका को नाराज करने के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है।

Category: Internation News


Latest News