Published on October 5, 2026 | Views: 261
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की याचिका पर सुनवाई की। उन पर SIR से जुड़े करीब 14 फैसले दो अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लेने का आरोप है।
अदालत ने उन्हें निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से तो इनकार किया, लेकिन चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर फैसले बिना सहमति के लिए पाए गए, तो उन्हें वापस लिया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा- Form-6 में किसी संशोधन को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी है। इसके कुछ घंटे बाद चुनाव आयोग ने कहा कि 24 जून, 2025 के बिहार SIR आदेश के दौरान फॉर्म 6 के साथ एक घोषणा जोड़ी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई के अपने आदेश में इसे सही ठहराया था।
9 दिन पहले भी चुनाव आयोग ने प्रेस नोट में कहा था कि SIR के लिए Form-6 के साथ लगाए गए डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिली है।
CJI सूर्यकांत ने कहा कि कोई खबर 100% सही, आंशिक रूप से सही या गलत हो सकती है। इसलिए सिर्फ मीडिया रिपोर्ट के आधार पर CEC को सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता। पहले चुनाव आयोग का जवाब और रिकॉर्ड देखना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाने चाहिए। यानी तीन सदस्यीय आयोग में किसी एक सदस्य का अकेले फैसला पूरे आयोग का फैसला नहीं माना जा सकता।
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