Published on October 2, 2026 | Views: 171
अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा रहा है। करीब 9 हजार सैनिकों के साथ अमेरिका अपना वॉरशिप थियोडोर रूजवेल्ट भी क्षेत्र में भेज रहा है।
फिलहाल USS जॉर्ज डब्ल्यू बुश और USS जॉर्ज वॉशिंगटन पहले से वहां मौजूद हैं। रूजवेल्ट की तैनाती के बाद से अक्टूबर के आखिर तक मिडिल ईस्ट में तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर हो जाएंगे।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान पर नए हमलों की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की बात की थी। इसके पहले उन्होंने ईरान के सीजफायर प्लान को भी ठुकरा दिया था।
अमेरिकी अधिकारी के हवाले से अल-जजीरा ने बताया है कि नवंबर के आखिर तक ईरान के आसपास अमेरिका के 3 युद्धपोत और 2 मरीन यूनिट तैनात हो सकती हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का आदेश देते हैं, तो अमेरिकी सेना इसके लिए तैयार है।
टाइम मैगजीन को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने ईरान के हालिया सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की पेशकश भी की थी, लेकिन ट्रम्प के मुताबिक यह प्रस्ताव अमेरिका के लिए काफी नहीं था।
उन्होंने यह भी कहा कि 3 नवंबर के चुनाव के बाद ईरान पर बमबारी बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर ट्रम्प ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि अगर वह चाहें तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं।
अमेरिका का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
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