Published on September 26, 2026 | Views: 194
मतभेद की खबरों के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने दिल्ली में बैठक की। चुनाव आयोग के मुताबिक, जिन लोगों के SIR में नाम काटे गए हैं, उनके दावे और आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाई गई है।
जिन लोगों को नाम मैप नहीं होने या रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजा गया है, बीएलओ उनके घर जाकर जरूरी दस्तावेज जमा करेंगे और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करेंगे। इन पर रीजनल इलेक्टोरल अफसर फैसला लेगा।
इसके अलावा बैठक में नाइट शेल्टर में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए पर्याप्त हेल्प डेस्क या स्पेशल कैंप लगाए जाने का भी फैसला लिया गया।
SIR के दौरान अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। चुनाव आयोग के मुताबिक देश में कुल 96.88 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं, यानी करीब 14.1% वोटर्स के नाम SIR में काटे गए।
यह बैठक तब हुई जब ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच चुनाव आयोग के फैसलों पर मतभेद का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी ने आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
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