Published on September 26, 2026 | Views: 235
लखनऊ: उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं
कि प्रभावी व ठोस रणनीति बनाकर विकास योजनाओं को मूर्तरूप दिया जाय, कार्य धरातल पर नजर आने चाहिए। अधिकारी कार्यों की गुणवत्ता पर पैनी नजर रखें, सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के अन्दर तीव्र गति से पूरे करायें जांय
विकसित भारत- जी राम जी के तहत अनुमन्य कार्यों को कराया जाय और श्रमिकों का भुगतान नियमानुसार समय से कराया जाय। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि फील्ड में हो रहे कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा की जाय।
उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम मे
लखनऊ स्थित जवाहर भवन के दसवें तल पर ग्राम्य विकास विभाग द्वारा विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शनिवार को आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रदेश के 75 जिलों से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लगभग 900 अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को वीबी-जी राम जी योजना के कार्यों के समुचित क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। अन्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के तकनीकी पक्षों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग सौरभ बाबू ने कार्यों की विविधता पर जोर देते हुए अधिकारियों को सामुदायिक हित के कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी मशीन का प्रयोग न किया जाए जो मजदूरों के रोजगार को विस्थापित करती हो, साथ ही कागजी कार्यवाही को भी कम से कम करने पर बल दिया।
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग प्रमोद कुमार उपाध्याय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विकसित भारत - रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (वीबी-जी राम जी) एक्ट के तहत अनुमन्य 375 कार्यों के अलावा अन्य कोई भी अमान्य कार्य किसी भी सूरत में न कराया जाएं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के मानदेय का भुगतान पूरी पारदर्शिता के साथ प्राथमिकता पर किया जाए और पुराने बकाया मानदेय को जल्द निपटाया जाए।
अपर आयुक्त नेहा बंधु ने फील्ड स्तर पर मजदूरों और निर्माण कार्यों की गलत डाटा फीडिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अनियमितता की श्रेणी में रखने की बात कही। उन्होंने कर्मचारियों को सतर्क रहने की सलाह दी और अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों के पांच सर्वश्रेष्ठ कार्यों को प्रदर्शित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक का इस्तेमाल केवल एक सहायक के रूप में किया जाना चाहिए, उस पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
कार्यशाला के दौरान रिमोट सेंसिंग और जीआईएस आधारित 'युक्तधारा पोर्टल' के महत्व को रेखांकित किया गया। यह पोर्टल ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों की सटीक योजना बनाने, नक्शे देखने और विकास कार्यों के दोहराव को रोकने में सहायक सिद्ध होता है। इसके अलावा आईडी जनरेट करने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों पर भी गहन चर्चा हुई।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में वीबी-जी राम जी एक्ट पर आधारित प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रतिभागियों का मूल्यांकन भी किया गया। मौक़े पर ही घोषित परिणाम में जौनपुर के अतुल कुमार सिंह और आजमगढ़ के शशांक शेखर प्रजापति ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। बाराबंकी के अखिलेश कुमार वर्मा द्वितीय तथा फिरोजाबाद के राम नरेश ओझा तृतीय स्थान पर रहे। अंत में अपर आयुक्त नेहा बंधु ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यशाला का समापन किया !
Category: Uttar pradesh