Published on September 1, 2026 | Views: 201
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द कर दिया है। यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज मामलों पर लागू होगा।
कोर्ट ने साफ किया कि जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन पर केस चलता रहेगा। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर के मार्च को वापस ले लिया है।
ये FIR 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद दर्ज की गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 में दी गई शक्तियों का इस्तेमाल किया। कोर्ट ने कहा कि FIR रद्द करने का फैसला सिर्फ इसी मामले के खास तथ्यों और हालात को देखकर लिया गया है, इसलिए इसे दूसरे मामलों के लिए उदाहरण और बाध्यकारी फैसला नहीं माना जाएगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि संविधान के तहत मिली अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल इस शर्त पर किया जा रहा है कि दोनों पक्ष कोर्ट के सामने हुए समझौते का पूरी तरह पालन करेंगे।
लाइव लॉ के अनुसार रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट रूम में CJP के प्रवक्ता सौरव दास भी मौजूद थे। वे बेंच के सामने पेश हुए और ग्रुप की तरफ से एक बयान पढ़ा- “मैं यह कहना चाहता हूं कि सरकार के भरोसे पर आज लगी अदालती मुहर और ऑर्डर को देखते हुए हम 5 सितंबर का मार्च वापस ले रहे हैं।”
सौरव के बयान के बाद CJI सूर्यकांत ने कहा- “आपने भी बहुत अच्छा कदम उठाया है। एक संस्था के रूप में, हम आभारी हैं कि ऐसा सकारात्मक वातावरण बनाया गया है जो युवाओं के लिए मददगार होगा।”
Category: Delhi