जापान की तकनीक और उत्तर प्रदेश के उत्पादों के समन्वय से वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं सृजित होंगी: केशव प्रसाद मौर्य

Published on August 21, 2026 | Views: 188

जापान की तकनीक और उत्तर प्रदेश के उत्पादों के समन्वय से वैश्विक बाजार में नई संभावनाएं सृजित होंगी: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आज लखनऊ स्थित इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में इन्वेस्ट यूपी द्वारा आयोजित जापान-भारत व्यापार नेटवर्किंग कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान के बीच भगवान तथागत बुद्ध की करुणा, शांति, मानव कल्याण एवं ज्ञान की शिक्षाओं से जुड़ा सदियों पुराना आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंध है। उत्तर प्रदेश में भगवान बुद्ध की पावन स्मृतियों से लेकर जापान की समृद्ध बौद्ध परंपराओं तक दोनों देशों के बीच साझा विरासत और आत्मीयता का मजबूत सेतु विद्यमान है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत-जापान के रणनीतिक एवं आर्थिक संबंध निरंतर मजबूत हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर जापान का दौरा किया और वहां के निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इसी का परिणाम है कि आज लखनऊ में जापान और उत्तर प्रदेश के उद्यमी एवं निवेशक एक साथ बैठकर व्यापारिक संभावनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर संवाद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जापान की उन्नत तकनीक, गुणवत्ता एवं विशेषज्ञता और उत्तर प्रदेश के विशाल कृषि आधार, प्रतिभाशाली मानव संसाधन तथा विविध उत्पादों का समन्वय हो जाए तो प्रदेश के उत्पादों के लिए दुनिया के किसी भी बाजार तक पहुंच बनाना संभव है। जापानी निवेशकों और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के बीच साझेदारी से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर सृजित करने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक संभावनाएं हैं।

केशव मौर्य ने कहा कि प्रदेश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है तथा 2 करोड़ 33 लाख सूचीबद्ध कृषक प्रदेश के अन्नदाता हैं। सरकार का प्रयास है कि किसानों को ऐसे उत्पादों और फसलों के बारे में जानकारी एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे उनकी मेहनत और उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों के उत्पादों को उचित मूल्य पर खरीदकर उन्हें मूल्य संवर्धित उत्पादों में परिवर्तित कर देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे किसान, उद्योग और प्रदेश—तीनों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में है, लेकिन अभी संतोष करने का समय नहीं है। प्रदेश की 25 करोड़ की आबादी और विशाल कृषि उत्पादन को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की संख्या और बढ़ाने की आवश्यकता है। वर्ष 2017 में खाद्य प्रसंस्करण नीति लागू की गई और पांच वर्ष पूर्ण होने के बाद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 लागू की गई। इस नीति के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए सब्सिडी सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने जापानी निवेशकों का आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बड़े उद्यमी जापानी कंपनियों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए तैयार हैं। उत्तर प्रदेश में निवेशकों को बेहतर कानून-व्यवस्था, पर्याप्त लैंड बैंक तथा सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी की मजबूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। लखनऊ, वाराणसी, जेवर और कुशीनगर सहित प्रदेश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वैश्विक कनेक्टिविटी को और सुगम बना रहे हैं।

केशव मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या उपलब्ध है और विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकता के अनुरूप उन्हें कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए आवश्यक कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है, जिससे निवेश के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उत्तर प्रदेश में एक करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अनेक गतिविधियां कर रही है, खाद्य प्रसंस्करण में इन महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान हो सकता है। हम उत्तर प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण का बहुत बड़ा सब बनाया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित किए जाने पर सोलर सब्सिडी के माध्यम से भी अधिक से अधिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने उद्यमियों से सरकार की इन सुविधाओं और नीतियों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विशिष्ट कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने काला नमक चावल जैसे प्रदेश के विशिष्ट उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और मार्केटिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि डबल इन्जन सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग देने के लिए तत्पर है। किसी भी स्तर पर कोई कठिनाई आने पर संबंधित विभाग निवेशकों की सहायता के लिए तैयार हैं। उत्तर प्रदेश में निवेश का अर्थ केवल उद्योगों की स्थापना नहीं, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेश की समग्र आर्थिक समृद्धि का नया अवसर है।

इस अवसर पर भारत में जापान के राजदूत ओनो केयची सहित जापान एवं भारत के अनेक प्रतिष्ठित निवेशक, उद्यमी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

Category: Politics


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