बिहारी जी ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर फूल बंगले में विराजमान होकर दिए भक्तों को दर्शन

Published on August 13, 2026 | Views: 273

बिहारी जी ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर फूल बंगले में विराजमान होकर दिए भक्तों को दर्शन

वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में इस वर्ष गर्मियों के दौरान भक्तों को शीतलता और अलौकिक आनंद प्रदान करने वाली फूलबंगला सेवा का समापन हरियाली अमावस्या के पावन अवसर पर हो गया है। ठाकुर बांकेबिहारी की सेवा की यह प्राचीन परंपरा उनके प्राकट्यकर्ता स्वामी हरिदास द्वारा शुरू की गई थी, जिसे आज भी सेवायतों द्वारा पूरी निष्ठा के साथ निभाया जा रहा है।
आम तौर पर गर्मियों के मौसम में ठाकुरजी को राहत देने के लिए 108 दिनों तक फूलबंगला सजाए जाने का विधान है। किंतु इस बार अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) पड़ने के कारण फूलबंगला 28 दिन अधिक सजा। चैत्र शुक्ल पक्ष की कामदा एकादशी यानी 29 मार्च से शुरू हुई यह फूलबंगला सजाने की प्रक्रिया हरियाली अमावस्या तक चली। इस बीच केवल एक दिन अक्षय तृतीया को छोड़कर पूरे सीजन में कुल 218 फूलबंगला सेवाएं भक्तों द्वारा अर्पित की गईं। इस प्रकार अधिकमास के संयोग से इस वर्ष ठाकुर बांकेबिहारी ने कुल 137 दिनों तक फूलबंगले में विराजमान होकर अपने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए।
समय के साथ इस सेवा में आधुनिकता का स्पर्श भी जुड़ा है। पहले जहां केवल केले के तनों और पत्तियों से ही बंगले सजाए जाते थे, वहीं अब विभिन्न प्रकार के ताजे फूलों के उपयोग से पूरे मंदिर परिसर को अत्यधिक भव्य और आकर्षक बनाया जाता है। मंदिर में सजने वाले इन फूलबंगलों के लिए अधिकांश फूल देश के विभिन्न महानगरों जैसे दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता से मंगाए जाते हैं। इनमें मोगरा, गेंदा, मोतिया, गुलाब, रायबेल, रजनीगंधा, जूही, चंपा, केतकी और कमल के फूल प्रमुख रूप से शामिल होते हैं।
हरियाली अमावस्या पर फूलबंगले के अंतिम दिन दर्शन देने के पश्चात, अब ठाकुर बांकेबिहारी आगामी शनिवार, 15 अगस्त को हरियाली तीज के अवसर पर बेशकीमती स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। उल्लेखनीय है कि अन्य मंदिरों में हिंडोला उत्सव पंद्रह दिनों तक चलता है, जबकि ठाकुर बांकेबिहारी वर्ष में केवल एक ही दिन हरियाली तीज पर हिंडोले में बैठते हैं।

Category: Dharm


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