Published on May 8, 2026 | Views: 450
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रिय देशवासियों, पश्चिम बंगाल आकर चुनाव की महाधांधली और महाबेईमानी के बारे में जानकर ये लगा कि अब बात केवल चुनाव की प्रक्रिया को बचाने की नहीं है, देश को बचाने की है।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज देश उन गलत हाथों में चला गया है जो संविधान, लोकतंत्र, आरक्षण, स्वतंत्रता, समता-समानता, न्याय, गरिमा, देश की एकता-अखंडता, सद्भाव-सौहार्द-बंधुत्व, महिलाओं के मान-सम्मान, युवाओं, किसानों, मज़दूरों, शोषित, वंचित, ग़रीब कुल मिलाकर पीड़ित-पीडीए के वर्तमान व भविष्य के हक़ और अधिकारों के घोर विरोधी हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई और उनके मुख़बिर संगी-साथी आज़ादी से पहले भी देश के विरोधी थे और आज़ादी के बाद भी हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि अब देशवासियों को ये समझना है कि देश की एकता और व्यवस्था को भंग करके कमज़ोर करनेवाले ये लोग किसके एजेंट हैं? स्वदेशी की बात करके विदेश से पैसा लेनेवाले ये लोग कौन हैं? ये अनरजिस्टर्ड क्यों हैं और अंडरग्राउंड क्यों रहते हैं? ये कोविड के नाम पर जनता से जमा किये चंदे का हिसाब क्यों नहीं देते हैं? ये भ्रष्टाचार को बढ़ाकर देश को बर्बाद क्यों कर रहे हैं? ये देश की तरक़्क़ी के लिए योजना बनानेवाले ‘योजना आयोग’ को समाप्त करके देश के विकास को ख़त्म करने की चाल क्यों चल रहे हैं? ये शिक्षा पर क़ब्ज़ा करके देश की मानसिक शक्ति को खोखला क्यों कर रहे हैं? ये सरकारी स्कूलों को बंद करके आम जनता के बच्चों को अनपढ़ रखने का षडयंत्र क्यों कर रहे हैं? नोटबंदी से छोटे कारोबार के ख़ात्मे की साज़िश क्यों की? नोटबंदी घोटाले में बैंकिंग व्यवस्था को नोट बदलने के नाम पर भ्रष्ट क्यों किया? जीएसटी को जानबूझकर उलझाऊ और भ्रष्ट बनाकर ये देश की अर्थव्यवस्था को चौपट क्यों कर रहे है? ये अपने लोगों को पैसा जमाकर करके बाहर क्यों भेज देते हैं? विश्वगुरु का दावा करने वाले विश्व के विभिन्न देशों में भाग गये, देश के लुटेरों को ये लोग वापस क्यों नहीं ला रहे हैं? ये साम्प्रदायिकता का ज़हर फैलाकर देश की एकता को क्यों तोड़ना चाहते हैं? राजनीतिक दलों को तोड़कर ये लोग देश की राज-व्यवस्था को नेस्तनाबूद करने पर क्यों आमादा है?
अखिलेश यादव ने कहा कि अब वो निर्णायक समय आ गया है, जब हम सबको मिलकर इन देश विरोधी नकारात्मक ताक़तों को हमेशा के लिए हराना होगा, देश को बचाना होगा, और देश की नई आज़ादी के लिए तिंरगा उठाना होगा।
Category: Politics