Published on April 26, 2026 | Views: 293
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गाजीपुर के करंडा कटरिया मामले में कहा कि बयान बदलवाने से सच नहीं बदलता है। उत्तर प्रदेश ने इतना कमज़ोर मुख्यमंत्री कभी नहीं देखा जो घोर अत्याचार के शिकार ग़रीब-बेबस पीड़ितों पर दबाव डालकर बयान बदलवाते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि सवाल ये हैं कि एफ़आइआर लिखवाने में इतनी देर क्यों हुई?, बातें क्यों बदलवाई गईं?, पीड़ित परिवार को और उत्पीड़ित क्यों किया जा रहा है? ,पुलिस तक पर पथराव करने वाले वर्चस्ववादियों के खि़लाफ़ कार्रवाई करने से किसने रोका? पोस्टमार्टम पर सवालिया निशान क्यों लगा?
अखिलेश यादव ने कहा कि सच तो ये है कि सबको सच मालूम है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट कुछ भी कहे गाँव के हर घर को ज़मीनी सच्चाई मालूम है। सब जानते हैं हुआ क्या है और कहलवाया क्या जा रहा है। इससे गाँव के हर समाज में भाजपा के झूठ की बात पहुँच गयी है। इससे पीडीए समाज में बहुत गुस्सा और आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि गाजीपुर की बेटी हत्याकांड, हाथरस की बेटी हत्याकांड का दोहराव है। इन दोनों में एक बात समान है, पीड़ितों के परिवार ‘पीडीए परिवार’ थे और उत्पीड़क वर्चस्ववादी थे। हमारा गंभीर सवाल ये है कि ‘दिखावटी कार्रवाई से क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पायेगा?’ इस अन्याय की मूल वजह ये है कि समाज में भेदभाव है, इसीलिए हम कहते हैं कि बात सिर्फ़ ’न्याय का राज’ की नहीं ‘सामाजिक न्याय का राज’ लाने की होनी चाहिए। यही सबसे बड़ा लक्ष्य होना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय का राज’ लाने का पीडीए का मिशन दरअसल आज़ादी के बाद की एक और ‘असली आज़ादी’ का आंदोलन है। एक ऐसी आज़ादी की बात जो लोगों के नज़रिये को बदलने की बात करती है। बराबरी एक भावना है जो दुराव से नहीं, सच्चे लगाव से पैदा होगी। तब देश की एकता सच में एक होगी और सब मिलकर तरक़्क़ी करेंगे। जिस दिन शोषक-शोषित का भेद समाप्त हो जाएगा और मन से लोग समता को स्वीकार कर लेंगे वो दिन ही ‘असली आज़ादी’ लेकर आएगा, हम इसके लिए ही संघर्षरत हैं, हम अब आगे ही बढ़ेंगे, हम हर हाल में इस लड़ाई को लड़कर जीतेंगे, इसके लिए चाहे साल लगे या सदी |
Category: Politics