Published on April 18, 2026 | Views: 200
दिल्ली: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि जनता के बढ़ते विरोध और आक्रोश से ध्यान हटाने के लिए साज़िशन लाए गए ‘तथाकथित महिला आरक्षण बिल’ की हार भाजपा की हार है। ये भाजपा की बदनीयत की भी हार है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा का हर प्रयास, हर बिल या तो कुछ लोगों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए होता है या समाज को बाँटने का छल-छलावा होता है। इस बार भाजपा इस बिल के माध्यम से महिलाओं की एकता में दरार डालकर उनको ठगना चाहती थी लेकिन विपक्ष की एकता ने भाजपाई मंसूबों को धूल चटा दी। ये भाजपा के खि़लाफ़ देश की सक्रिय हो चुकी जन चेतना की जीत है, जिसका प्रतिनिधित्व देश का विपक्ष कर रहा है। भाजपा ने सरकार में बने रहने का नैतिक आधार खो दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा महिलाओं की हिमायती कहां से हो सकती है जबकि उसकी सोच घोर पुरातन पंथी है। जो लोग परिवार को नकारते हैं, वे लोग दूसरी तरह से परिवार की धुरी मतलब महिला को नकारते है। भारतीय जनता पार्टी उस बिल में और चीजों को छुपाकर ला रही थी, उसका विरोध था संसद चल रहा है, संसद पूरा हो जाए, उसके बाद इस बात को आगे बढ़ाते तो शायद सब पक्ष में होते।
अखिलेश यादव ने कहा कि आज इंडिया की एकजुटता ने साबित कर दिया है कि ‘नैतिक रूप’ से भाजपा ने सरकार में बने रहने का आधार खो दिया है। संसद में जो सरकार हार जाती है, वो बाहर जाती है। जनता को विश्वास हो गया है कि ‘बुरे दिन जाने वाले हैं।
Category: Politics