Published on April 8, 2026 | Views: 211
मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में साइबर सुरक्षा पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। अतिथि वक्ता तान्या श्रीवास्तव असिस्टेंट प्रोफेसर साइंस एंड टेक्नोलॉजी जीएल बजाज मथुरा ने छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम के प्रति सचेत रहने के गुर बताए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन खतरों, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के बारे में भी विस्तार से समझाया।
तान्या गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को बताया कि संदिग्ध ईमेल लिंक या अटैचमेंट पर कभी क्लिक न करें, सार्वजनिक वाईफाई का उपयोग करते समय सावधानी बरतें तथा अपना पासवर्ड किसी को न बताएं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी असावधानी से आपका डेटा चोरी हो सकता है, इतना ही नहीं आपकी व्यक्तिगत और व्यावसायिक जानकारी, वित्तीय सम्पदा और प्रतिष्ठा को गम्भीर नुकसान हो सकता है। तान्या गुप्ता ने विद्यार्थियों को व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी की पहचान और साइबर अपराधों की रिपोर्ट करने की भी जानकारी दी।
अतिथि वक्ता तान्या गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को बताया कि साइबर सुरक्षा का मतलब कम्प्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक डेटा को सुरक्षित रखना है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को फिशिंग, रैंसमवेयर और सोशल इंजीनियरिंग की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपनी भौतिक मूल्यवान वस्तुओं की सुरक्षा के लिए कई सावधानियां बरतते हैं, उसी प्रकार हमें साइबर की दुनिया में अपनी सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपकरणों एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर, कूटलेखन, फायरवाल, घुसपैठ का पता लगाने वाली प्रणाली (आईडीएस) और घुसपैठ रोकथाम प्रणाली (आईपीएस) का उपयोग कर सकते हैं। कार्यशाला में उन्होंने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया।
स्कूल के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में साइबर अपराध एक गम्भीर समस्या बनता जा रहा है। इससे निपटने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसमें न केवल हमारे कम्प्यूटर और नेटवर्क बल्कि उनमें मौजूद अमूल्य डेटा की सुरक्षा के लिए अपनाई गई रणनीतियां और उपाय शामिल हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि यह व्यापक सुरक्षा कवच अनधिकृत पहुंच और विशाल डिजिटल जगत में छिपे खतरों से रक्षा करता है। संक्षेप में, साइबर सुरक्षा हमारे डिजिटल जगत का रक्षक है, जो हमारे डेटा की गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता को बनाए रखता है।
विद्यालय की प्रिंसिपल प्रिया मदान ने अतिथि वक्ता का आभार मानते हुए छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्होंने कार्यशाला में जो कुछ भी सीखा है, उसका प्रयोग कर अपने सिस्टम, नेटवर्क और प्रोग्राम को डिजिटल हमलों से बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सावधानी ही साइबर क्राइम से बचने का एकमात्र उपाय है।
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