Published on April 6, 2026 | Views: 159
फिरोजाबाद अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब उत्तर प्रदेश के कांच नगरी फिरोजाबाद के उद्योगों पर साफ दिखाई देने लगा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता, कच्चे माल की कीमतों में उछाल और निर्यात में कमी के कारण यहां के कांच उद्योग को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है. उद्योग से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ही कई करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है...
कांच उद्योग से जुड़े उद्यमियों के अनुसार, ईरान और आसपास के देशों में बड़ी मात्रा में फिरोजाबाद से कांच के उत्पादों का निर्यात होता है. युद्ध जैसी स्थिति बनने से निर्यात ऑर्डर रुक गए हैं, वहीं पहले से भेजे गए माल की भुगतान प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है..... इससे उद्योग पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है.......
व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल, खासकर गैस और ईंधन की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी हुई है. कांच उद्योग पूरी तरह भट्टियों पर निर्भर है, यहां लगातार ईंधन की जरूरत होती है. लागत बढ़ने से उत्पादन महंगा हो गया है और कई छोटी इकाइयों ने अस्थायी रूप से उत्पादन घटा दिया है.
स्थानीय उद्योगपतियों ने बताया कि पहले ही कांच उद्योग बिजली दरों और बढ़ती लागत से जूझ रहा था, ऐसे में वैश्विक तनाव ने स्थिति और कठिन बना दी है. यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो हजारों मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है.
उद्योग संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि कांच उद्योग को राहत देने के लिए विशेष पैकेज दिया जाए, साथ ही गैस और बिजली दरों में अस्थायी राहत प्रदान की जाए. व्यापारियों का कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान और बढ़ सकता है. फिलहाल उद्योग से जुड़े लोग हालात पर नजर बनाए हुए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम होगा, जिससे कारोबार फिर से पटरी पर लौट सके.
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