Published on March 23, 2026 | Views: 148
भरतपुर। समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर क्षेत्रीय विकास, सुदृढ़ कनेक्टिविटी तथा पर्यटन एवं औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देने के उद्देश्य से भरतपुर–अलवर स्वीकृत फोरलेन सड़क परियोजना को बहरोड़ तक विस्तारित करने कि मांग कि है। इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक एवं शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
गुप्ता द्वारा प्रेषित पत्र में कहा है कि भरतपुर से अलवर तक फोरलेन सड़क निर्माण की स्वीकृति राज्य सरकार का एक दूरदर्शी एवं सराहनीय कदम है, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। इस परियोजना को आगे बढ़ाते हुए अलवर से बहरोड़ तक विस्तारित किया जाना राज्यहित में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। पत्र मैं कहा है कि , बहरोड़ तक सड़क के विस्तार से एक सशक्त एवं निर्बाध सड़क संपर्क स्थापित होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क, विशेष रूप से दिल्ली–जयपुर कॉरिडोर से सीधे जुड़ाव सुनिश्चित करेगा। इससे न केवल आवागमन सुगम एवं तीव्र होगा, बल्कि माल परिवहन की दक्षता में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
गुप्ता द्वारा पत्र में यह भी रेखांकित किया गया है कि बहरोड़ तक सड़क विस्तार से भरतपुर का सीधा संपर्क शेखावाटी क्षेत्र—झुंझुनू, सीकर एवं चूरू—से स्थापित होगा। इससे इन क्षेत्रों के बीच व्यापारिक, सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय समन्वय को मजबूती मिलेगी। पर्यटन के दृष्टिकोण से यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भरतपुर का विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (घना पक्षी विहार), अलवर के प्रमुख पर्यटन स्थल जैसे सरिस्का एवं बाला किला, तथा शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों एवं सांस्कृतिक धरोहरों को जोड़कर एक समेकित पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सकेगा। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ राजस्व में भी इजाफा होगा।
औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के संदर्भ में भी यह विस्तार अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। बहरोड़ एवं इसके आसपास के क्षेत्र तेजी से औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। बेहतर सड़क संपर्क से भरतपुर एवं आसपास के क्षेत्रों को इन औद्योगिक अवसरों से जोड़ने में सहायता मिलेगी, जिससे निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, किसानों, व्यापारियों एवं लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए यह सड़क परियोजना परिवहन लागत एवं समय में कमी लाएगी, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी और उत्पादों की बाजार तक पहुंच अधिक सुलभ होगी।
निदेशक गुप्ता ने पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह परियोजना पूर्वी राजस्थान को उत्तरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ते हुए संतुलित क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करेगी। इससे राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच विकास का अंतर कम होगा और समग्र प्रगति को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस प्रस्ताव पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि यह महत्वपूर्ण परियोजना राज्य के विकास में मील का पत्थर सिद्ध हो सके।
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