Published on May 24, 2026 | Views: 187
धौलपुर। भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन गोविंद वाटिका स्थित कार्यालय पर किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी एवं समाज में सम्मानित छवि रखने वाले पंडित हरी निवास प्रधान को भगवान परशुराम शोभायात्रा का संयोजक नियुक्त किया गया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं द्वारा पंडित हरी निवास प्रधान का माला एवं साफा पहनाकर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जून माह में भगवान परशुराम शोभायात्रा को दिव्य, भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप में निकाला जाएगा। समिति के सदस्यों ने कहा कि यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति, सनातन परंपराओं एवं सामाजिक समरसता का प्रतीक होगी।
गौरतलब है कि पंडित हरी निवास प्रधान वर्तमान में भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति में संरक्षक की भूमिका निभा रहे हैं। इससे पूर्व वे भगवान परशुराम चैरिटेबल ट्रस्ट में महासचिव पद की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। भगवान परशुराम चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शोभायात्रा निकालने से मना किए जाने के बाद शोभायात्रा समिति ने स्वतंत्र रूप से बड़ा निर्णय लेते हुए पंडित हरी निवास प्रधान को संयोजक नियुक्त किया।
इस अवसर पर पंडित हरी निवास प्रधान ने कहा कि भगवान परशुराम केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि शोभायात्रा में समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे प्रत्येक व्यक्ति एवं सर्वसमाज के भाई-बंधुओं को सम्मानपूर्वक शामिल किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यह शोभायात्रा सामाजिक भाईचारे, सनातन संस्कृति और समाज की एकजुटता का संदेश देने वाली ऐतिहासिक शोभायात्रा होगी।
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम त्याग, तपस्या, न्याय और धर्म की रक्षा के प्रतीक माने जाते हैं। सनातन धर्म में भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना गया है, जिन्होंने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष कर धर्म की स्थापना का कार्य किया। भगवान परशुराम का जीवन समाज को साहस, सत्य, आत्मसम्मान एवं संस्कृति की रक्षा की प्रेरणा देता है।
बैठक में मौजूद समिति सदस्यों एवं ट्रस्ट से जुड़े ट्रस्टियों ने भगवान परशुराम चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष से मांग की कि भगवान परशुराम शोभायात्रा को और अधिक दिव्य एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से ट्रस्ट के व्हाट्सएप ग्रुप को “ ओनली एडमिन ” मोड से हटाकर सभी ट्रस्टीगण को अपनी राय एवं सुझाव रखने का अधिकार दिया जाए। उनका कहना था कि जब शोभायात्रा पूरे समाज की है, तो समाज के प्रतिनिधियों को संवाद और सहभागिता का अवसर भी मिलना चाहिए।
सदस्यों ने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश सभी को संदेश भेजने की अनुमति देना संभव नहीं है, तो ट्रस्ट यह स्पष्ट करे कि शोभायात्रा से संबंधित समाचार, अपील एवं समाजहित के संदेश किस एडमिन को भेजे जाएं, ताकि उन्हें ट्रस्ट के व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किया जा सके। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज संवाद और सहभागिता से मजबूत होता है, प्रतिबंधों से नहीं।
बैठक में भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश महदपुरा, मुकेश हनुमानपुरा, नंदकिशोर शुक्ला, उपेंद्र दीक्षित, हरिशंकर शर्मा, गोविंद शर्मा, के.के. शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने समाज से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर शोभायात्रा को सफल बनाने का आह्वान किया।
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